
महासमुंद/ (लोचन चौहान)-छ.ग.राज्य वन विकास निगम लिमिटेड अंतर्गत बरनवापारा परियोजना मंडल के रायकेरा परिक्षेत्र के कक्ष क्रं.53 एवं 54 में जमकर अनियमितता किया जा रहा है वैसे तो बरनावापारा परियोजना मंडल के विभिन्न परिक्षेत्र में वन विकास एवं प्रबंधन के नाम पर करोड़ों रुपए प्रति वर्ष खर्च कर छ.ग.राज्य वन विकास निगम द्वारा निगम के सैकड़ों हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र में सागौन एवं मिश्रित प्रजाति के बहुमूल्य पौधों का रोपड़ किया जाता है लेकिन हर साल अलग अलग कम्पार्टमेन्ट में पदस्थ निगम में पदस्थ भ्रष्टाचारी गैर जिम्मेदार कुछ डीप्टी रेंजर के काले कारनामो से छ.ग.राज्य वन विकास निगम के दामन दागदार धब्बे से तार तार होता है। जिससे वनो के संरक्षण संवर्धन और विकास के जगह वन विकास निगम के खजाने मे योजनाबद्ध तरीके से सेंध लगाकर वनो एवं निगम के खजाने का विनाश किया जा रहा है इसी प्रकार का एक मामला महासमुंद जिले के रायकेरा परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 54 का है सूत्र एवं अपने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कुछ ग्रामीण मजदूर “छत्तीसगढ़ सृजन” से चर्चा में बताते हैं कि रायकेरा के कक्ष क्रं.53 और 54 में भारी गड़बड़ी किया जा रहा है यहां पर पदस्थ रेंजर सिर्फ मुख दर्शक है जिसका पूरा पावर स्वयं भू,एटीट्यूड एवं वैकल्पिक व्यवस्था में पूर्व उच्च अधिकारी को दक्षिणा देकर निगम के खजाने को खोखला करने के मंशा से संवेदन हीन,एवं दास्यभावी रेंजर के मालिक डीप्टी रेंजर लोचन साहू है जो अपने आप को किसी रेंजर DM से कम नहीं समझते है और मनमर्जी और बेखौफ होकर वर्ष 2023 में कक्ष क्रं.54 मे किए गए सागौन रोपड़ी पौधों के किनारे निश्चित मापदंड में बिना गोल बिडिंग किए पट्टी बनाकर अपने चहेते मजदूरों के नाम पर जमकर फर्जी बिल वाउचर बनाकर घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है।





कक्ष क्रं.53 में मवेशियों का झुंड

वही एक तरफ कक्ष क्रं.53 में जब पड़ताल के लिए मीडिया की टीम पहुंची तो पूरे प्लांट में सैकड़ो की संख्या में मवेशी सागौन के रोपणीं प्लांट के अंदर सैकड़ों मवेशियों का झुंड सागौन रोपड़ कुचलते नजर आए जिससे निगम के चौकीदारी और डीप्टीरेंजर और रेंज की कार्यप्रणाली की वस्तु स्थिति प्रदर्शित करता है रायकेरा के कक्ष 54 में सागौन प्लांटेशन में बिना गोल बिडिंग किए आसपास के अपने चहेते मजदूरों के नाम लाखों रुपए का मास्टर रोल बनाकर गोल बिडिंग घोटाला कर ने की पूर्णतः प्रयास अनवरत जारी है। जो छ.ग. राज्य वन विकास निगम के कार्य प्रबंधन के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया लापरवाही और अपने निचले कर्मचारियों पर निगम के उच्च अधिकारियों की निरंकुशता का घोतक परिणाम है। जब हमने डिप्टी रेंजर लोचन साहू से दूरभाष पर पूरे मामले के विषय में चर्चा किया तो वह किसी उप मंडल प्रबंधक के पावर के लहजे से बात करने से नहीं चुके लेकिन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर उसी को उनकी ही पूरी पोल पट्टी जब हमने फोन पर उन्हें सुनाई तो गलती के लिए फोन में माफी भी मांगने लगे। और अपने फर्जीवाड़ा को छुपाने के लिए अपने दक्षिणा के दम पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पदस्थ होने के बाद भी निगम के बड़े अधिकारियों के सह पर रायकेरा में हो रहे प्लांटेशन में गोल बिडिंग और फर्जी मास्टर रोल से निगम के खजाने में लूट खसोट करने का मामला कुछ ही दिनों में पूरे छत्तीसगढ़ में गुंजेगा। एवं विस्तृत कार्रवाई के लिए नियमानुसार
इस संपूर्ण मामले की जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई हेतु वन विकास निगम के प्रधान कार्यालय में जल्द शिकायत किया जाएगा जिसकी गूंज पूरे छत्तीसगढ़ में सुनाई देगा। वन विकास निगम के घोटाले के पर्दाफाश के खबरों के लिए बने रहिए छत्तीसगढ़ सृजन के साथ। क्रमशः…….







