
रायपुर/लोचन चौहान/(छ.ग.सृजन) रायपुर संभाग के जिलों में शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए सहायक शिक्षक एलबी व अन्य शिक्षक जो पदोन्नति से प्राथमिक प्रधान पाठक बने हैं जिसमे बड़ी गड़बड़ी हुई है नियम विरुद्ध पदोन्नति लिए प्रधान पाठकों की मुश्किले जल्द बढ़ने की संकेत मिलने लगे हैं,पूर्व में शिक्षा विभाग के पदोन्नति नियम को दरकिनार कर शिक्षकों के वरिष्ठता निर्धारण में गड़बड़ी कर मनमर्जी तरीके से विभिन्न विकासखंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने शिक्षा क्षेत्र के चहते शिक्षकों को लाभ पहुंचाने के लिए पदोन्नति नियम और वरिष्ठता निर्धारण के नियमों को ताक में रखकर समय के पूर्व मनमर्जी तरीके से अपात्र शिक्षकों का भी नियम विरुद्ध प्रस्ताव बनाकर जिला शिक्षा अधिकारीयों को भेजा गया है जिसे जिला शिक्षा अधिकारियों ने भी आंख बंद कर वरिष्ठता निर्धारण की सूक्ष्म जांच किए बिना ही गैर जिम्मेदाराना और मनमर्जी तरीके से वरिष्ठता निर्धारण में गड़बड़ी कर अपने चहते BEO के मनपसंद शिक्षकों को नियम विरुद्ध पदोन्नति देकर शिक्षा विभाग के छवि को धूमिल करने का कार्य किये है

महासमुंद जिले के पिथौरा सहित पूरे जिले में ऐसे कई शिक्षकों का नियम विरुद्ध पदोन्नति की गई है। इस गंभीर मसले पर गत दिनो में “छत्तीसगढ़ सृजन”प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया ने संयुक्त संचालक(Joint Director)लोक शिक्षण संभाग रायपुर श्री राकेश पाण्डेय से विशेष चर्चा किया जिसमे उन्होंने बताया की पूर्व में अगर शिक्षा नियम कानूनों को ताक में रखकर नियम विरुद्ध पदोन्नति हुइ है तो इसकी जांच कर गलत पाए जाने पर डिमोशन किए जाने की बात कही,जांच के दौरान वरिष्ठता निर्धारण में गड़बडी व अनियमितता पाए जाने पर शामिल वि.खं. शिक्षा अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी के उपर भी कार्यवाही करने के संकेत दिए हैं जिससे रायपुर संभाग शिक्षा विभाग में गलत तरीके से पदोन्नति प्राप्त करने वाले शिक्षकों में खलबली मची है बहरहाल देखना होगा की शिक्षा विभाग रायपुर संभाग में व्यापक पैमाने पर हुए वरिष्ठता निर्धारण में गड़बड़ी कर पदोन्नति घोटाले में करवाई कहां तक आगे बढ़ती है “छत्तीसगढ़ सृजन” इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं आगे भी शिक्षा संभाग रायपुर में पूर्व से व्यापक पैमाने पर हुए शिक्षा विभाग में नियम विरुद्ध वरिष्ठता निर्धारण कर किए गए घोटाले और गड़बड़ी की सूक्ष्म जांच हेतू क्रियाशील है,संयुक्त संचालक(Joint Director) श्री राकेश पाण्डेय ने नियम विरुद्ध पदोन्नति प्राप्त करनें वाले शिक्षकों की शिक़ायत की जांच कर गलत पाए जाने पर डिमोशन निश्चित होने की आश्वासन दिया है।







