
कसडोल।बारनवापारा छेत्र के अधिकांश गांव आजादी के 75 साल भी अपनी मूलभूत सुविधा सड़क, बिजली, शिक्षा, नेटवर्क से कोसो दूर है विधानसभा में विधायक जी द्वारा इस मुद्दे पर प्रश्न उठाया लेकीन विभागीय उत्तर चौकाने वाला आया है बारनवापारा छेत्र के सभी गांवो में सौर्य ऊर्जा द्वारा 24 घंटा बिजली की व्यवस्था किया गया है जबकि ये सरासर गलत है ये सारी बातें छत्तीसगढ़ सृजन से चर्चा करते हुए एक सवाल का जवाब में क्षेत्र के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता एवं आदिवासी कांग्रेस के जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के जिला सचिव संजीव कुमार ठाकुर ने मिडिया से रुबरु होते चर्चा में अपनी बात रखते हुए कहा उन्होंने जिम्मेदार विभाग की ओर इंगित कर निवेदन करते हुए बताया की विभाग को बताना चाहता हूं कि सौर ऊर्जा जो हमारे छेत्र में लगा है वो सिर्फ़ नाममात्र साबित हुआ है, सिर्फ़ मुस्किल से 1 घंटा चल पाता है क्रेड़ा विभाग को स्वीकार करना चाहिए की बार छेत्र में किसी भी तरह से विद्युत की व्यवस्था नहीं है क्योंकि ये सिर्फ नाममात्र है, न टीवी चला सकते हो और न ही कूलर, पंखा आज के बढ़ते गर्मी में हम छेत्र वासी कितनी मुस्किल से जीवन यापन कर रहे है

हम ही समझ सकते है शहर में एक दिन के लिए बिजली बंद कर दो हाहाकार मच जाएगा मै तो क्रेडा विभाग से निवेदन करता हूं की जो नाम मात्र का सिस्टम लगाए है उसे जड़ से उखाड़ कर वापस ले जाए छेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा की नही स्थाई बिजली की आवश्यकता है एक तरफ विभाग का जवाब आया है की भूमिगत बिजली की व्यवस्था अभ्यारण्य छेत्र में किया जा सकता है लेकीन चौकाने वाली बात तो ये है की बार बार बजट का रोना रो दिया जाता है जबकि सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है राज्य स्थापना के समय राज्य का बजट महज 4000 करोड़ था जो आज का बजट 170000 एक लाख सत्तर हजार करोड़ रुपए की है फिर भी बजट का रोना समझ से परे है एक तरफ वन विभाग दावा करती है की उनके पास बारनवापारा छेत्र को व्यवस्थापित करने के लिए पर्याप्त बजट है जबकि इसके लिऐ एक गांव के लिए करोड़ों का फंड चाहिए अंडर ग्राउंड बिजली से हजारों गुना ज्यादा बजट चाहिए लेकीन वन विभाग अपना उल्लु सीधा करने के लिए छेत्र के लोगो को गुमराह करके परेशान कर रही है जबकि वास्तविकता कुछ और है सरकार से निवेदन है की बारनावापारा छेत्र के सभी गांवो में 33 kv बिजली की व्यवस्था करे और क्रेडॉ विभाग यह स्वीकार करें की छेत्र में किसी भी प्रकार का वैकल्पित ऊर्जा की व्यवस्था नहीं है क्रैडा विभाग में स्थाई बिजली देने की क्षमता नहीं है हमे वैकलपित ऊर्जा नही स्थाई बिजली की आवश्यकता है छेत्र के लोगो का कहना है यदि विभाग और सरकार इस महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर अतिशीघ्र कोई रास्ता नहीं निकालेगी तो पूरे छेत्र वासी एकत्रित होकर अनिश्चित कालीन आंदोलन किया जाएगा।

बारनवापारा छेत्र के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता संजीव कुमार ठाकुर ने कहा की बारनवापारा छेत्र के साथ विभाग और सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है ऐसी गंभीर समस्या को लेकर भी शासन और प्रशासन पूरी तरह मौन है बस सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण हम सदियों तक अंधेरे में है अगर समस्या का निराकरण अतिशीघ्र नही किया गया तो पूरा छेत्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।









