
धांधली भ्रष्टाचार और जबरिया कब्जा पर ग्राम देवसराल के परदेशी मरार को
मिला न्याय

लोचन चौहान (पिथौरा ) – केन्द्र और राज्य की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्राम देवसराल में प्रधानमंत्री आवास में हुई धांधली,भ्रष्टाचार और जबरिया कब्जा कर निर्माण के खिलाफ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 प्रतीक टेम्भुलकर ने अतिक्रमण तोडऩे का आदेश पारित फैसला दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार पिथौरा तहसील के रानिमं सांकरा के अन्तर्गत स्थित ग्राम देवसराल पहनं 44 में वादी परदेशी पि स्व.धनो मरार व उसके पारिवारिक सदस्य राधिका, जमुना और गंगाबाई की भूमि स्वामी हक की जमीन है,जिसका ख.नं 1250 र- 0.55 हे. है।वर्ष 2018 में प्रतिवादी नरेश एवं मकरध्वज पि बहादुल नाई ने उक्त जमीन के 56×95=932 वर्गफूट जमीन पर कब्जा कर नींव खुदाई का कार्य कर मकान निर्माण कर दिया। वादीगण द्वारा मना करने पर उन्हे भूमि स्वामी मानने से इंकार कर मकान बनाने के लिये आवास बनाने हेतु पैसा प्राप्त होना बताया। न्यायालय में वाद दायर करने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने सीमांकन रिपोर्ट, हल्का पटवारी अविनाश दीक्षित,आरआई पवन बघेल और ना.तहसीलदार देवेन्द्र नेताम व सभी पक्षों के बयान तथा जनपद पंचायत के रिकॉर्ड के आधार पर यह पाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत बनाया गया पक्का मकान व बाडी़ घेरा का निर्माण अवैध है।निर्णय के अनुसार 2माह के भीतर अतिक्रमण तोड़कर प्रतिवादीगण मलबों को हटायें और कब्जा वादीगणों को सौंपे।पिथौरा के नोटरी अधिवक्ता तुलसी डड़सेना ने वादीगण की ओर से न्यायालय में पैरवी की।
