Post: कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पूर्व परीक्षा परिणामों का विश्लेषण तथा विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की व्यापक समीक्षा।

कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पूर्व परीक्षा परिणामों का विश्लेषण तथा विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की व्यापक समीक्षा।

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महासमुंद 24 नवंबर 2025/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार आज सेजेस सभागार में जिले के समस्त प्राचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, पूर्व परीक्षा परिणामों का विश्लेषण तथा विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा रहा। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ श्री हेमन्त नंदनवार ने की। उन्होंने उत्कृष्ट एवं कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों के प्राचार्यों से वन-टू-वन चर्चा कर परीक्षा परिणाम सुधार हेतु आवश्यक रणनीतियाँ साझा कीं। उन्होंने उत्तर लेखन अभ्यास को नियमित कराने, रेमीडियल कक्षाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों में अनुकूल शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने पर विशेष बल दिया।

बैठक में जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने विद्यालयवार अपार आईडी निर्माण, जाति प्रमाण पत्र बनाने तथा यू-डाइस प्रोग्रेशन की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी प्राचार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी संबंधित अपार आईडी को जनरेट करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शासन की अन्य योजनाओं का लाभ निर्विघ्न रूप से विद्यार्थियों तक पहुँच सके।

उत्कृष्ट एवं कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों के प्राचार्यों से वन टू वन चर्चा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे ने कहा कि आगामी बोर्ड परीक्षा जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रत्येक विद्यालय को अपनी स्थिति के अनुरूप प्रभावी बोर्ड परीक्षा कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विषयवार लक्ष्य निर्धारण, कठिन अध्यायों पर विशेष फोकस, मॉडल प्रश्नपत्रों का अभ्यास, प्री-बोर्ड परीक्षा की गुणवत्ता, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान और उनके लिए विशेष कक्षाओं का संचालन अनिवार्य रूप से किया जाए। डीईओ ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से सतत संपर्क, जरूरत होने पर होम-विजिट, सक्रिय व प्रेरक सीखने का माहौल तथा विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर साझा करने जैसे कदम प्रभावी रूप से लागू किए जाएँ। उन्होंने कहा कि उपस्थिति सुधार सीधे परीक्षा परिणाम और अधिगम स्तर पर प्रभाव डालता है, इसलिए इस पर विशेष ध्यान अपेक्षित है। मध्यान्ह भोजन की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन परोसा जाए। एमडीएम इंडिकेटर रिपोर्ट विद्यालयवार समय पर अद्यतन हो, नेवता भोज, किचन गार्डन, आनलाइन एंट्री, गैस उपलब्धता, खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था, रसोई की स्वच्छता तथा भोजन वितरण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। छमाही परीक्षा और मूल्यांकन अधिभार पर चर्चा करते हुए डीईओ महोदय ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से किया जाए, मूल्यांकन अधिभार समय पर अद्यतन किया जाए तथा परीक्षा परिणामों के विश्लेषण के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल लागू किए जाएँ।

उन्होंने पाठ्यक्रम पूर्णता, शैक्षणिक निरीक्षण, सक्षम्य गतिविधियाँ, विद्यालय स्वच्छता, सभी शैक्षणिक योजनाओं की प्रगति तथा शिक्षकों के दायित्व निर्वहन पर भी विस्तार से समीक्षा करते हुए प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे सभी बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में सहायक संचालक शिक्षा श्री नंदकिशोर सिन्हा, एपीसी संपा बोस, डीपीओ कमल चंद्राकर, तथा सभी विकासखंडों के बीईओ, एबीईओ एवं बीआरसी उपस्थित रहे।

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