
कसडोल।छ.ग.सृजन 2/07/2025 वैसे तो छ.ग.के बलौदाबाजार-भांटापारा जिला अंतर्गत शिक्षा विभाग के ग्रामीण अंचलों के शालाओं में पढ़ने वाले बच्चों के शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में विभाग दिनों दिन पिछड़ रही है वहीं जिले में ऐसे अनेक प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला,हाई स्कूल,मिडील स्कूल भवन है जो जर्जर हालत में अपनीं आस्तित्व की अंतिम सांसें गिन रहे हैं। बच्चों के भविष्य गढ़ने वाली शिक्षा विभाग अपनी बदहाल शिक्षा व्यवस्था एवं खस्ताहाल भवनों का जिर्णोद्धार नहीं करा पा रही है। अगर कभी कोई शाला भवन का जिर्णोद्धार के लिए स्वीकृति मिल भी गया तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है जिससे जिले के कलेक्टर एवं शिक्षा विभाग के बड़े आला अफसर जानबुझकर सभी अनभिज्ञ बन जाते है जैसे इन भ्रष्टाचार में उनकी मौन सहमति हो।

ऐसे ही कसडोल ब्लॉक के वनांचल ग्राम तालाझर का मामला है जहां विगत दस वर्षों से खस्ताहाल शाला भवन के केवल तीन कमरों में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला संचालित हो रहा था जिसके जिर्णोद्धार कार्य के लिए वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत 6 लाख रुपए स्वीकृत कर पूर्व माध्यमिक शाला भवन के जिर्णोद्धार के लिए कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग बलौदाबाजार-भाटापारा को कार्य एजेंसी बनाए गए जिन्होंने तकनीकी गुणवत्ता को ताक में रखकर मनमर्जी कार्य कर तालाझर के पूर्व माध्यमिक शाला भवन को भ्रष्टाचार के दलदल में झोंक दिया है



लेकिन तालाझर के गरीब आदिवासियों व ग्रामीणों के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पूर्व माध्यमिक शाला भवन का जिर्णोद्धार के लिए स्वीकृति राशि कार्य एजेंसी संलग्न अधिकारी कर्मचारियों के कमीशन और भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ जाने से स्कूल भवन का जिर्णोद्धार कम और समस्याऐं और बढ़ गया है विगत दिनों छत्तीसगढ़ सृजन की टीम ने जब तालाझर के शाला भवन का हालात समझने ग्राउंड जिरो पर पहुंचा तो विभाग और कार्य एजेंसी की लापरवाही उक्त शाला भवन में स्पष्ट नजर आया। कार्य एजेंसी ने शाला भवन के छत व दिवारो को तोड़कर जिर्णोद्धार के नाम महज खानापूर्ति किया गया है मध्यान्ह भोजन रसोई कक्ष मे जगह जगह गड्ढे हो गए हैं जो किसी पशुओं के बाड़े से भी बदतर है। जगह-जगह बरसात का पानी का रिसाव हो रहा है 6 लाख रुपए की लागत से हाल ही में जिर्णोद्धार किए गए शाला भवन की हालात जस की तस बनी हुई है।





















