Post: आदिवासी कन्या छात्रावास लहरौद बना आत्मनिर्भरता और संस्कारों का केंद्र ।                     

आदिवासी कन्या छात्रावास लहरौद बना आत्मनिर्भरता और संस्कारों का केंद्र ।                     

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पिथौरा। 7 जून 2025 (छत्तीसगढ़ सृजन)पिथौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत लहरौद में स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास न केवल एक आवासीय सुविधा है, बल्कि यह आदिवासी बालिकाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण का एक सशक्त केंद्र भी बन चुका है। 01 सितंबर 2006 को स्थापित यह पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित है। यहाँ बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, आत्मनिर्भरता, सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण तथा सांस्कृतिक मूल्यों का भी समुचित विकास किया जाता है।

 आदिवासी कन्या छात्रावास लहरौद बना आत्मनिर्भरता और संस्कारों का केंद्र

छात्रावास में वर्तमान में लगभग 50 आदिवासी छात्राएँ एवं 5 अन्य वर्ग की छात्राएँ कक्षा 11वीं से स्नातक तृतीय वर्ष तक निवासरत हैं। कोरोना काल के बाद शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह और शाम आधे घंटे के प्राणायाम और ध्यान (मैडिटेशन) सत्र अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाते हैं। इससे छात्राओं की मानसिक एकाग्रता, आत्म-नियंत्रण और भावनात्मक संतुलन बेहतर होता है। अधीक्षिका श्रीमती सरोज साद स्वयं योग और मेडिटेशन कक्षाएँ संचालित करती हैं और उनकी देखरेख में छात्रावास में परिवार जैसा आत्मीय वातावरण बना हुआ है।

छात्रावास में पर्यावरण संरक्षण और स्वावलंबन की भावना को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से बागवानी, पौधारोपण, फल-फूलों की देखरेख एवं किचन गार्डनिंग की गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। प्रत्येक कक्षा की छात्राओं को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है जिससे उनमें उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो रही है। सब्जी बागवानी में सुकेश यादव द्वारा नियमित सहयोग प्राप्त हो।

सर्वांगीण विकास हेतु शारीरिक मानसिक सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा पर विशेष जोर।

छात्रावास में केवल आवासीय सुविधाएँ ही नहीं, बल्कि छात्राओं को छत्तीसगढ़ी व्यंजन, पारंपरिक कला, नृत्य, संगीत, रंगोली, पाक कला, सिलाई, पेंटिंग, चित्रकला एवं मूर्तिकला (जैसे मिट्टी से गणेश प्रतिमा निर्माण) में भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। हस्तकला के क्षेत्र में विशेष कक्षाएँ अमृता आर्ट संस्था द्वारा, श्रीमती अमृता श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित की जाती हैं।

यहाँ की पूर्व छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की है। इनमें पुजा ठाकुर ने पी.पी.टी एवं भारती ठाकुर ने पी.ई.टी. में, चंद्रकला दीवान ने पुलिस आरक्षक और बिंदू एवं अंजली ठाकुर ने टीचर, बिंदिया एवं काजल ने डी.एल.एड. पदों पर सफलता प्राप्त की है।

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