Post: महासमुंद वनमंडल मे वन एवं वन्य प्राणियों की दुर्दशा का इतिहास रचने वाले डीएफओ पंकज राजपूत का खैरागढ़ स्थानांतरण।

महासमुंद वनमंडल मे वन एवं वन्य प्राणियों की दुर्दशा का इतिहास रचने वाले डीएफओ पंकज राजपूत का खैरागढ़ स्थानांतरण।

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संपादक -लोचन चौहान

महासमुंद।(छ.ग.सृजन) वैसे तो प्रकृति ने महासमुंद जिले को प्राकृतिक रुप से विभिन्न वनस्पतियां नदी पहाड़ झरने और मिश्रित प्रजाति के पेड़ों बहुमूल्य इमारती लकड़ी से भरें वनों एवं अनेक वन्य जीव जंतुओं से अच्छादित किया है जिससे जिले के लगभग 16.65 प्रतिशत भूभाग पर वनों के आवरण से ढके होने के कारण पूरे वन मंडल महासमुंद की सुंदरता और ज्योग्राफी बहुत ही सुंदर और जिले वासियों के लिए जीवनदायिनी है लेकिन महासमुंद वन मंडल के वनमंडलाधिकारी के रुप में डीएफओ पंकज सिंह राजपूत पदस्थापना के बाद उनके निरंकुश कार्य प्रणाली एवं चेक में साइन करो और अपने चहेते लूटेरे टट्टूओं के माध्यम से रुपया जेब में डालो की नीति ने वनमंडल महासमुंद के जल जंगल जमीन का जितना दुर्दशा किया है

शायद ही जिले के इतिहास में किसी अन्य वनमंडलाधिकारी अधिकारी के कार्यकाल में महासमुंद वनमंडल‌ के वनों की इतनी दुर्दशा हुई होगी। राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा पोषित वन संरक्षण संवर्धन के नाम पर जारी किए गए कैम्पा मद,विभागीय मद,न जाने ऐसे कई शासकीय मदों में हर साल करोड़ों रुपए के धनराशि महासमुंद वन मंडल को प्राप्त हुआ जिसका जमकर बंदरबाट किया गया है लैंटाना उन्मूलन,शासकीय भवनों के रखरखाव,के लिए जारी राशि को तो पूरा ही गबन कर दिया गया है

महासमुंद वन मंडल के 69 वन कक्षों में करोड़ों की घोटाले की जांच मामले में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन वनबल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव की भूमिका भी संदेह के दायरे में। छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाकर बड़े कर्मचारियों को बचाने की कोशिश।

इस मामले के सबसे बड़ा जिम्मेदार डीएफओ पंकज राजपूत है

महासमुंद वन मंडल के सड़को के किनारे हरियाली और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शासन ने वृक्षारोपण के लिए बीते चार पांच वर्षों में के करोड़ों के राशि आबंटित की गई है लेकिन बिना वृक्षारोपण किए पुरी की पूरी राशि को डकार दी गई।छ.ग.सृजन पंकज राजपूत के ऊपर डंके की चोट पर आरोप लगाता है कि वे छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े भ्रष्टाचारी वन मंडलाधिकारी हैं उनके कार्यकाल में शासन के खजाने में सेंध लगाकर करोड़ों रुपए बिना कार्य के और कुछ अधूरे कार्य से राशि आहरण कर महासमुंद वन मंडल को सिर्फ लुटा गया है कमीशन खोरी जमकर की गई है उन्हें यह अहंकार है कि उनकी पहुंच ऊपर तक है लेकिन सच्चाई एक न एक दिन सामने आएगी। नियति ने लंका के राजा रावण जैसे पराक्रमी विश्व विजेता का तो अहंकार तोड़ दिया वैसे ही डीएफओ पंकज सिंह राजपूत का अहंकार भी एक न एक दिन टूटेगा


खल्लारी व पिथौरा के वनों में अवैध शिकार से मृत वन्य प्राणी व मवेशी
पंकज सिंह राजपूत के कार्यकाल में वन्य प्राणियों के अवैध शिकार लगातार हुई है। पूरा वन मंडल इनकी निरंकुश कार्य प्रणाली भली-भांति परिचित हैं रुदन कर रही है एवं डीएफओ पंकजसिंह राजपूत की चेक में साइन करो और जेब भरो की नीति से सरकारी खजाने एवं वनों की जो दुर्गति एवं दुर्दशा हुई है यही पंकज सिंह राजपूत की अफसर गिरी की स्पष्ट पहचान है।

डीएफओ पंकज राजपूत के महासमुंद कार्यकाल में हुए विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितता की शिकायत राज्य सरकार एवं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से करने की तैयारी 

सत्यमेव जयते

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