
पिथौरा(छ.ग.सृजन)रविवार को नानक सागर में आयोजित होला महल्ला कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात लेखक डॉ एस एस पटनायक रचित दिव्यधाम नानक सागर का विमोचन श्री गुरुग्रन्थ साहिब के सामने अरदास कर किया गया।अब यह पुस्तक आम पाठको एवम गुरु भक्तो को सुलभ होगी।
विगत दो वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद अंततः 23 मार्च को दिव्य धाम नानक सागर का विमोचन हो गया।नानक सागर में सिक्खों के प्रथम गुरु श्रीगुरुनानक देव जी के दो दिन विश्राम पर डॉ शिवशंकर पटनायक द्वारा लिखी गयी उक्त पुस्तक में नानक सागर का इतिहास समाहित है।इतना ही नही यहां गुरु ने जिस स्थान पर विश्राम किया था इसकी गाथा एवम विश्लेषण बहुत ही शानदार तरीके से किया गया है।लेखक डॉ पटनायक की यह 37 वी कृति है।इस अवसर पर डॉ पटनायक ने बताया कि उन्होंने स्वयम यहां की मान्यताओं और ग्रामीणों के मुख से सुनी गाथाओं को परख कर ही उक्त रचना की है।उन्हें लगता है कि यह पुस्तक क्षेत्र ही नही ग्लोबल स्तर पर भी सराही जाएगी।
दिव्य धाम नानक के प्रकाशक छत्तीसगढ़ के पत्रकार रजिन्दर खनूजा है एवम पुस्तक का कुशल सम्पादन वरिष्ठ पत्रकार के पी साहू ने किया है।इस अवसर पर प्रकाशक श्री खनूजा ने बताया कि यह पुस्तक नही बल्कि ग्रन्थ है।इसमें गुरु की विभिन्न उदासी यात्राओं के साथ नानक सागर में रुकने और यहां के राजा भैना के बारे में सजीव चित्रण किया गया है। इसके अलावा उक्त पुस्तक में दर्ज सभी रिसर्च पुस्तक लिखने के पूर्व रायपुर के रिंकू ओबेरॉय एबम दिल्ली के दविंदर सिंह आनंद ने किया जिससे गुरु के नाम से मिसल रिकॉर्ड में भी जमीन मिली है।
।।गुरु ग्रन्थ साहिब की अरदास के साथ पुस्तक विमोचन।।
दिव्य धाम नानक सागर का विमोचन गढ़फुलझर (नानक सागर स्थित) गुरुद्वारा में श्री अखंड पाठ समाप्ति के बाद अरदास कर किया गया।विमोचन होते ही दर्जनों लोग पुस्तक की एक झलक के लिए टूट पडे थे।

।।प्रकाशक रजिन्दर खनूजा, सम्पादन के पी साहू एवम रिसर्च रिंकू ओबेरॉय।।











