
रायपुर।लोचन चौहान(छ.ग.सृजन) वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न वन परिक्षेत्र,वन मंडल, वन वृत्त क्षेत्र में कार्य में लापरवाही पर छोटे कर्मचारियों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही होने की खबर आम बात है। परंतु शादी का झांसा देकर एक महिला से जबरदस्ती और अनाचार करने के आरोपी वन वृत्त कांकेर के नरहरपुर वन परिक्षेत्र के फारेस्ट रेंजर विजयंत तिवारी पर निलंबन की कार्यवाही छ.ग.वन मुख्यालय से एक सप्ताह विलंब से किया गया। जो वन विभाग की लापरवाही और दोहरे मानसिकता को उजागर करता है टेक्नोलॉजी से भरी इस दुनिया में पल-पल की खबर कुछ ही मिनट में हर किसी को खबर पहुंच जाती है परंतु इस मामले में वन विभाग को खबर आखिर काफी विलंब से क्यों पहुंची यह बहुत बड़ा सवाल है जो लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पुरे मामले पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छ.ग.के द्वारा पारित आदेश में आरोपी रेंजर के गिरफ्तारी दिनांक से उसे निलंबित माना जावें उल्लेख तो किया गया है परंतु एक सप्ताह विलंब से आदेश पारित किया गया है जिस आदेश की खुब चर्चा है जो आरोपी की गिरफ्तारी दिनांक 27/11/2025 से एक सप्ताह के बाद दिनांक 3/12/2024 को निलंबन आदेश पारित किया गया है पुलिस ने जिस दिनांक को आरोपी रेंजर को गिरफ्तार किया उस दिन से एक सप्ताह बाद में निलंबन आदेश पारित किया जाना भी वन विभाग की बहुत बड़ी लापरवाही है।




