
पिथौरा।लोचन चौहान(छ.ग.सृजन)24/12/2024 बारनवापारा अभ्यारण्य प्रवेश द्वार में से एक बड़गांव वनोपज जांच नाका से लगभग 2 कि.मी.पर चरौदा देवगांव को जाने वाले मार्ग में पड़ने वाली ठाकुरदिया नाला पर बना रपटा(पुल)अंदर से क्षतीग्रस्त होकर अंदर से आधा खोखला हो चुका है अंदर से पत्थर और सिंमेट रेत के बनाए गए पुल रपटा से अलग होकर टूटने लगे है जिससे पुल कभी भी भरभरा कर गिर सकता है जिससे किसी भी वक्त उस रास्ते पर गुजरने वाले दोपहिया चार पहिया वाहनो से गुजरने वाले राहगीर गंभीर जानलेवा घटना का शिकार हो सकते हैं लोगों का जान माल का नुक़सान होने का गंभीर खतरा स्पष्ट परिलक्षित हो रही है परंतु संबंधित जिम्मेदारों का खबर लिखे जाने तक नजर इस जानलेवा क्षतिग्रस्त रपटा पुलिया पर नहीं होने से अब तक पुल का कोइ समुचित सुधार कार्य नहीं किया जा गया है जिससे लगता है यह क्षतिग्रस्त पुल किसी जिम्मेदार को दिखाई ही नहीं दे रहा है बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में इन दिनों पर्यटकों का लगातार आवागमन जारी है वहीं दिन रात लोग रपटा(पुल) के उपर से गुजरते हैं।


लोग दुर्घटना से बचने पुल अंदर के क्षतिग्रस्त होने पर पुल के उपर पत्थरों का कतार रखकर क्षतिग्रस्त पुल के एक किनारे से चलने को मजबूर हैं इसी नाले पर पूर्व में भी एक ट्रेक्टर के पलट जाने से यहां पर दुर्घटना घट चुकी है जिससे बहुत मुश्किल से एक व्यक्ति का जान जाते-जाते बची थी लिहाजा यह रपटा पुल के समुचित सुधार कार्य नहीं किया गया है क्षेत्र के भोले भाले ग्रामीण विभागीय निष्क्रियता और भ्रष्ट सिस्टम के लापरवाही के कारण अपने जान को जोखिम में डालकर उस क्षतिग्रस्त रपटा पुल पर गुजरने को मजबूर है अब देखना होगा की यह रपटा पुल का सुधार कार्य कब तक किया जाता है या फिर इस पर गुजरने वाले लोगों के जान का दुश्मन बने ठाकुरदिया नाले पर बने इस खस्ताहाल क्षतिग्रस्त पुल रपटा को ऐसे ही ज्यों का त्यों हालत में छोड़ दिया जाता है और भी विभिन्न मुद्दों से संबंधित ऐसे छोटी बड़ी खबरों के लिए बने रहिए छ.ग. सृजन के साथ क्रमशः….
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