
गरियाबंद(छ.ग.सृजन) – रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गरियाबंद जिले के राजिम तहसील के परसदाजोशी गांव में चार व्यक्तियों पर 4 करोड़ 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा की गई जांच और मौका पंचनामा के बाद तय किया गया, जो जिले में अवैध खनन पर प्रशासन की कड़ी नजर का परिणाम है।
ग्राम परसदाजोशी के खसरा नंबर 01 में स्थित रेत खदान 01 और 02 का रकबा 4.90 हेक्टेयर था, जिसका पट्टा 17 नवंबर 2021 से 16 नवंबर 2023 तक वैध था। पट्टा अवधि समाप्त होने के बाद भी श्री संकल्प जंघेल और उनके साथियों—पूर्व सरपंच श्रीमती सुनीता सोनी, उनके पति श्री बेनराज सोनी और श्री हार्दिक सोनवानी—ने अवैध रूप से 80,000 घनमीटर रेत का उत्खनन जारी रखा।



इस मामले में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। कलेक्टर महोदय द्वारा एम.एम.डी.आर. एक्ट 1957 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत भारी जुर्माना लगाते हुए साफ संदेश दिया गया है कि अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से जिले में अवैध खनन पर लगाम लगेगी। किसानों और पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है और कहा है कि इससे प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर रोक लगेगी।
यह जुर्माना सिर्फ एक आर्थिक दंड नहीं है, बल्कि प्रशासन द्वारा एक चेतावनी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय समुदायों से भी यह अपील की जा रही है कि वे अवैध खनन की गतिविधियों पर नजर रखें और प्रशासन को सूचित करें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
अगर निर्धारित समय के भीतर जुर्माना राशि जमा नहीं की गई, तो इन आरोपियों के खिलाफ और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।