


पिथौरा/ छ.ग.सृजन (लोचन चौहान) महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत आदिवासी बालक छात्रावास सल्डीह में 1 तारीख से अधीक्षकीय कार्य के लिए पदिस्थापित किए गए व्याख्याता उत्तर कुमार दास इन दिनों खूब चर्चा में है वर्षों से अपने उच्च राजनीतिक पहुंच की दुहाई देकर वर्षों से संदिग्ध रुप से पिथौरा वि.खं.में पदस्थ यह मस्त मौला गैर जिम्मेदार शासकीय वेतन भोगी छात्रावास अधीक्षक यू के दास अपने कार्यों के प्रति इतनी भी गंभीर नहीं कि वह अपने कार्य स्थल को भी झांक कर भी देखे। वे अपने कार्य स्थल आदिवासी बालक छात्रावास सल्डीह में बच्चों को अपने से निचले स्तर के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के भरोसे छोड़कर अपने कार में बैठ आराम फरामोश मुंह में पान दबाए घूमते नजर आते हैं पिथौरा क्षेत्र के ग्रामीण सूत्रों की माने तो यह अधीक्षक अधीक्षकीय कार्यों में कम बल्कि क्षेत्र के भोले भाले लोगों को अपने उच्च पहुंच के झांसे में डालकर उन्हें विभिन्न शासकीय जमीनों की वन अधिकार पट्टा दिलवाने के नाम पर क्षेत्र के लोगों से लगातार मोटी रकम वसूली करने के नाम से भी काफी सुर्खियों में रहते है कुछ जानकार बताते हैं कि इनकी मूल पद स्थापना गरियाबंद जिले कि छुरा ब्लॉक के रानीपरतेवा में शिक्षकीय व्यख्याता कार्य के लिए पद स्थापना की गई है परंतु यह आराम फरामोस छात्रावास अधीक्षक यू के दास अपने चतुर बुद्धि से शासकीय सिस्टम की छाती में अटखेलिया खेलते हुए वि.खं.पिथौरा को अपना आराम गाह बना मस्त मौला होकर मोटी तनख्वाह लेकर आराम फरमा रहे हैं जिसका खुलासा तब हुआ जब आदिवासी छात्रावास सल्डीह पिथौरा के बच्चों व कर्मचारियों ने सल्डीह में छत्तीसगढ़ सृजन समाचार पत्र की टीम को एक सवाल के जवाब में बताया। अगर छत्तीसगढ़ में ऐसे लापरवाह गैर जिम्मेदार कार्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह शासन और सभ्य समाज को दिमक की तरह चाट खा जाएंगे। बता दें कि महासमुंद जिले की सोशल मीडिया में छात्रावास अधीक्षक यूके दास की लापरवाही और कार्यस्थल पर अनुपस्थित की खबर मिलते ही आदिवासी विकास विभाग के महासमुंद सहायक आयुक्त शिल्पी साय ने छात्रावास अधीक्षक यू के दास को कारण बताओं नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर जवाब पेश करने कही है एवं समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की आदेश जारी की गई है।

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