
रायपुर 22.10.2026 महासमुंद वनमंडल के सीमावर्ती छ.ग.राज्य वन विकास निगम अंतर्गत बारनवापारा परियोजना मंडल के रवान रेंज के वन कक्ष क्रं.89 एवं कक्ष क्रं.90 में बेशकीमती उच्च गुणवत्ता की सागौन लकड़ी पायी जाती है जिसकी अवैध कटाई एवं लगातार हो रहे तस्करी की सूचना पर लगातार दो दिन तक समीप के ग्राम कछारडीह एवं गजराडीह में वनमंडलाधिकारी महासमुंद श्रीनिवास तन्नेटी,एवं वन विकास निगम बारनवापारा परियोजना मंडल के डिवीजनल मैनेजर डीएम चंन्द्रकांत टिकरिहा के दिशा निर्देश एवं डिप्टी डीएम चित्रा त्रिपाठी के मार्गदर्शन में वन परीक्षेत्र पिथौरा,वन परीक्षेत्र महासमुंद एवं वन विकास निगम बारनवापारा परियोजना मंडल के उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा गठित कि गई संयुक्त सर्चिंग टीम द्वारा सिलसिले वार तरीके से किए गए ताबड़तोड़ सर्चिंग अभियान में मौके से भारी मात्रा में बहुमूल्य सागौन वनोपज बरामद की गई है

संयुक्त रुप से किए गए इस उच्च अधिकारियों की छापेमारी सर्च अभियान में सर्चिंग के दौरान मौके से भारी मात्रा में सागौन की चिरान,लट्ठा एवं सागौन लकड़ी से बने सामाग्रीयां बरामद किया गया है जानकारी के अनुसार यह सर्चिंग अभियान इतनी गोपनीय तरीके से की गई की प्रारंभिक तौर पर वन विकास निगम के स्थानीय रवान प्रोजेक्ट रेंज अफसर हिरऊ राम पैंकरा को भी भनक तक नहीं लगने दिया गया…. जिससे स्थानीय प्रोजेक्ट रेंज अफसर के ही कार्यक्षेत्र में किए गए इस छापेमार कार्यवाही से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सागौन जैसे बहुमूल्य वनोपज की अवैध कटाई एवं तस्करी में संलिप्त सागौन लकड़ी तस्करों के साथ रवान रेंज के प्रोजेक्ट रेंज अफसर हिरऊ राम पैंकरा के भूमिका एवं उनके विभागीय कार्य प्रणाली पर भी एक सवालिया निशान है

अब निगम के उच्च अधिकारियों को भी यह समझना ही होगा की आखिर इतनी अधिक मात्रा में रेंज अफसर के मुख्यालय रवान से चंद कि.मी. एवं डिप्टी रेंजर के होते हुए इतनी बड़ी संख्या में सागौन की अवैध कटाई कर खुलेआम सागौन लकड़ी से बनाए जाने वाले सामग्रियों की फैक्ट्री के रुप में सागौन लकड़ी से संबंधित इस प्रकार के अवैध कारोबार आखिर किनके सह पर किया जा रहा है आखिर सागौन लकड़ी के अवैध कारोबार किसके सह पर लगातार फल फुल रहा है यही अपने आप मे एक गंभीर सवाल है… अगर ऐसे ही रहा तो बारनवापारा परियोजना मंडल के रवान रेंज से सागौन का नामों निशान मिट जाएगा…बीते वर्ष जिस प्रकार बारनवापारा परियोजना मंडल के सबसे अधिक वनोपज उत्पादन देने वाले रवान रेंज की बहुमूल्य सम्पत्ति सागौन लकड़ी कुप कटाई के दौरान हुए अग्नि कांड में बंदरबांट किया गया है अगर कोई दूसरे परियोजना मंडल होता तो फॉरेस्ट गार्ड डिप्टी रेंजर से लेकर रेंज अफसर तक नप जाते…लेकिन बारनवापारा परियोजना मंडल में तो ऐसा प्रतीत होता है कि पूरा बारनवापारा परियोजना मंडल को छ.ग.राज्य वन निगम के सबसे भ्रष्ट प्रोजेक्ट रेंज अफसर हिरऊराम पैकरा ही चला रहा है लगता है। इसलिए हिरऊराम पैंकरा के विरुद्ध निगम के बड़े अधिकारी मुंह नहीं खोलते हैं अगर कभी-कभी मुंह खोलते भी हैं तो अचानक मुंह बंद हो जाता है
वहीं कछारडीह वन कक्ष क्रं.89 एवं कक्ष क्रं.90 को सागौन लकड़ी के तस्करी के लिए अति संवेदनशील वनक्षेत्र भी माना जाता है। बताया जा रहा है कि वन विकास निगम के रेंजर हिरऊ राम पैंकरा और उनके अधिनस्थ निगम अमले के कुछ डिप्टी रेंजर और गार्ड की मिली भगत से निगम क्षेत्र में आए दिन सागौन की भारी मात्रा में तस्करी कर क्षेत्र से बाहर अलग-अलग जगहो पर सागौन लकड़ी एवं उनसे बने सामाग्रियों की धड़ल्ले से सप्लाई करने वाले तस्करों और सागौन लकड़ी के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की रवान रेंज के रेंजर हिरऊ राम पैंकरा व निचले निगम अमले की आपसी मिलीभगत और भूमिका कै बगैर इतनी अधिक मात्रा में सागौन की अवैध कटाई एवं तस्करी नहीं कि जा सकतीं है

हालांकि दो दिन तक चले इस छापेमार कार्यवाही में कछारडीह एवं गजराडीह के संतु यादव,पिरीत यादव एवं संतलाल के घर बाड़ी से लगभग 250 से 400 नग अलग-अलग साइज के चिरान,सागौन लट्ठा,एवं सागौन लकड़ी से बने सामग्रीयां जप्त कर कार्यवाही किए जाने की बात प्रकाश में आया है हमने इस पूरे मामले पर की गई कार्यवाही में बरामद कि गई वनोपज की वास्तविक आंकड़े ज्ञात करने के लिए निगम अमले को दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश किया लेकिन वन विकास निगम के डीएम से लेकर डिप्टी डीएम तक कोई भी अधिकारी ने हमारा फोन रिसीव नहीं किया। वहीं अगर सर्चिंग के दौरान बरामद की गई सागौन लकड़ी कौन कौन से वनक्षेत्र या वन कक्ष से कटाई कर लाई गई थी छापेमारी में मुख्य रूप से जप्त किए गए लकड़ी कछारडीह में
सागौन, साजा, नीम चीरान, सागौन लट्ठा बरामद किए गए एवं
गजराडीह से सागौन चीरान,सागौन लट्ठा बरामद किए गए।

इसकी सूक्ष्म जांच किए गए तो और भी चौंकाने वाली बातें निकल कर सामने आएंगी। इस सर्च कार्यवाही में मुख्य रूप से डीप्टी डीम चित्रा त्रिपाठी,डीप्टी डीएम महेश खटकर, वनपरीक्षेत्र अधिकारी पिथौरा अंतरंग पाण्डे एवं उनकी टीम,वन परिक्षेत्र अधिकारी महासमुंद सियाराम कर्माकर व उनकी टीम, डिप्टी रेंजर ईश्वर कैंवर्त, डिप्टी रेंजर लोकेश साहू, डिप्टी रेंजर आनंद ध्रुव, डिप्टी रेंजर ईश्वर ठाकुर,सुनील साहू, अरुणा साहू, कोमल मरकाम, चौकीदार शिवलाल यादव, पुरानीक पटेल,बलदेव ठाकुर, सनत भोई सहित भारी संख्या में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं वन विकास निगम के अधिकारी कर्मचारी गण शामिल थे।






























