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घर-घर पहुंच रहा स्वच्छता का संदेश स्वच्छाग्रहियों और जनभागीदारी से गांवों में हो रहा ठोस कचरा प्रबंधन।

महासमुंद 05 अक्टूबर 2026/ जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता को जनभागीदारी से जन आंदोलन का रूप देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य किया जा रहा है। घर-घर से कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण एवं उचित निपटान की व्यवस्था से गांवों में स्वच्छता के प्रति लोग जागरूक हो रह है। इस अभियान को सफल बनाने में स्वच्छाग्रहियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर कचरा संग्रहण एवं उसके उचित प्रबंधन के लिए घर-घर पहुंच कर स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं।
जिले के पांचों विकासखंडों महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली में स्वच्छता अभियान को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। कुल 1119 ग्रामों मंे 1108 स्वच्छाग्रही सक्रिय है, 548 ट्राईसाइकिल युक्त ग्राम है तथा 1108 गांवो में सेग्रिगेसन हो रहा है। जिसमें महासमुंद विकासखंड अंतर्गत 189 गांवों में स्वच्छाग्रही सक्रिय हैं। इनमें 164 गांवों में ट्राइसाइकिल के माध्यम से घर-घर से कचरा संग्रहण किया जा रहा है, जबकि 188 गांवों में कचरे का सेग्रीगेशन किया जा रहा है।

इसी तरह बागबाहरा विकासखंड के 239 गांवों में स्वच्छाग्रही कार्यरत हैं। इनमें 102 गांवों में ट्राइसाइकिल के माध्यम से कचरा संग्रहण किया जा रहा है तथा 238 गांवों में कचरे के पृथक्करण की प्रक्रिया संचालित है। पिथौरा विकासखंड में 241 गांवों में स्वच्छाग्रही सक्रिय हैं। यहां 86 गांवों में ट्राइसाइकिल से कचरा संग्रहण किया जा रहा है तथा सभी 241 गांवों में कचरे का सेग्रीगेशन किया जा रहा है। बसना विकासखंड में 215 गांवों में से 210 गांवों में स्वच्छाग्रही संलग्न हैं। इनमें 89 गांवों में ट्राइसाइकिल के माध्यम से कचरा संग्रहण किया जा रहा है तथा 210 गांवों में कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था संचालित है। वहीं सरायपाली विकासखंड के 235 गांवों में से 231 गांवों में स्वच्छाग्रही सक्रिय हैं। 107 गांवों में ट्राइसाइकिल के माध्यम से कचरा संग्रहण किया जा रहा है और 231 गांवों में कचरे का सेग्रीगेशन किया जा रहा है।
स्वच्छाग्रहियों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करने की आदत विकसित होने के साथ ही कचरे के उचित निपटान की दिशा में भी ग्रामीणों का सहयोग मिल रहा है। इससे गांवों में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण तैयार हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से महासमुंद जिले के गांवों में स्वच्छता ग्रामीण जीवनशैली का हिस्सा बन रही है।

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