
रायपुर 1.09.2026 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्या कहाजल विवाद पर मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच जल विवाद को लेकर चर्चा होगी. दोनों राज्यों में बीजेपी की सरकार है. दोनों प्रदेशों ने CWC को लिखकर दिया है कि जो भी निर्णय जनहित में होगा उसे स्वीकार किया जाएगा
महानदी जल विवाद क्या है
महानदी को छत्तीसगढ़ और ओडिशा की जीवनरेखा माना जाता है. ओडिशा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ ने महानदी के ऊपरी हिस्से में औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बैराजों का निर्माण किया है. इससे नदी के प्रवाह पर गंभीर असर पड़ रहा है और कम बारिश एवं सूखे के समय राज्य को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है. इसके साथ ही ओडिशा सरकार ने जल संसाधन मंत्रालय से छत्तीसगढ़ के 6 बैराजों के निर्माण को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई थी. इस शिकायत के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. साल 2018 में जल विवाद के निपटारे के लिए महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया.
महानदी का सांस्कृतिक, धार्मिक, व्यावसायिक और आर्थिक महत्व है. छत्तीसगढ़ में इस नदी का उद्गम धमतरी जिले के सिंहावा पर्वत से होता है. नदी पूर्व की ओर बहती हुए ओडिशा से गुजरती है और बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है. ओडिशा में इस नदी के जल का इस्तेमाल सिंचाई, विद्युत उत्पादन और उद्योगों में होता है. महानदी पर भारत के सबसे बड़े बांधों में से एक हीराकुड स्थित है.






























