
बलौदाबाजार/2.09.2026 अर्जुनी वन्यप्राणियों के अवैध शिकार एवं उनके अवैध व्यापार के विरुद्ध वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार श्री पंकज कुमार कमल के निर्देशन में शिकार के प्रति Zero Tolerance Policy के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।जिसमें बीतेदिनांक 25/08/2026 को प्रातः 11:15 बजे मुखबिर से विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बिलाड़ी निवासी छब्बीलाल सारथी के निवास स्थान पर वन्यप्राणी जंगली सुअर का अवैध रूप से रखा गया मांस विक्रय हेतु उपलब्ध है। सूचना प्राप्त होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए वन विभाग की टीम तत्काल ग्राम बिलाड़ी के लिए रवाना हुई।
मौके पर संयुक्त टीम द्वारा विधिवत तलाशी लेने के दौरान मकान के समीप बाड़ी की मेढ़ के पास अजय सारथी को एक प्लास्टिक बोरी, तराजू, लोहे का कट्टा (मांस काटने का औजार) एवं लकड़ी के गुटके के साथ पकड़ा गया। बोरी की जांच करने पर उसमें जंगली सुअर का मांस पाया गया।
पूछताछ के दौरान अजय सारथी द्वारा बताया गया कि उसके चाचा छब्बीलाल सारथी द्वारा कोनी-बेंचा डैम के समीप जंगल क्षेत्र में पालतू कुत्ते की सहायता से जंगली सुअर के बच्चे का अवैध शिकार किया गया था तथा दोनों द्वारा उक्त मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर विक्रय किया जा रहा था। पूछताछ एवं प्राप्त जानकारी के आधार पर मांस क्रय करने वाले अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई।
प्रकरण में छब्बीलाल सारथी और अजय सारथी सहित मांस क्रय करने वाले अन्य 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार प्रकरण में कुल 07 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9, 39, 44, 48(क), 50 एवं 51 के अंतर्गत P.O.R. क्रमांक 16428/25, दिनांक 25/08/2026 पंजीबद्ध किया गया है।
मौके पर नियमानुसार पंचनामा एवं जप्तीनामा तैयार कर जप्त सामग्री को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया। सभी सात आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के उपरांत दिनांक 26/08/2026 को जिला जेल, बलौदाबाजार में विधिवत जेल दाखिल कराया जा चुका है।
प्रकरण में वन्यजीव अपराध से संबंधित अन्य तथ्यों एवं संभावित संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी के संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।

इस कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी श्री पार्थ शर्मा, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी थरगांव श्री भगवत प्रसाद श्रीवास, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी श्री भरत लाल साहू, वन परिसर रक्षक बिलाड़ी श्री संदीप माथुर एवं वन परिसर रक्षक पश्चिम अर्जुनी श्री प्रवीण कुमार आदिले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वन्यप्राणियों के अवैध शिकार, वन्यजीवों के अंगों/मांस के अवैध व्यापार एवं अन्य वन्यजीव अपराधों के प्रति Zero Tolerance Policy के तहत आगे भी प्रभावी एवं सतत कार्रवाई जारी रहेगी। वन्यजीव अपराधों की सूचना मिलने पर आम नागरिकों से भी तत्काल वन विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।















