
महासमुंद, 21 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पशुओं के संरक्षण, उनके प्रति क्रूरता की रोकथाम तथा पशु कल्याण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में समिति के सदस्यगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित समिति के सदस्य एवं अशासकीय सदस्य भी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों की जिम्मेदारी तय करते हुए सभी संबंधित विभागों को मुख्य मार्गों और सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि सड़कों पर विचरण कर रहे मवेशियों पर रेडियम पट्टी लगाई जाए, ताकि रात्रि के समय सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। साथ ही टैग एवं रेडियम पट्टी के माध्यम से पशुओं की पहचान कर उनके मालिकों का पता लगाया जाए तथा उन्हें पशुओं को खुले में सड़कों पर नहीं छोड़ने की समझाइश दी जाए। यदि समझाइश के बाद भी लापरवाही बरती जाती है

तो नियमानुसार संबंधित पशु मालिकों पर जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में स्थानीय नागरिकों एवं संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पशुपालन विभाग, यातायात पुलिस तथा संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के मुख्य मार्गों और सड़कों से घूमंतू पशुओं को हटाने की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को पशु क्रूरता की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने, पशु संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन कराने तथा आमजन में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में पशुपालन विभाग के उप संचालक डाॅ. अंजना नायडू ने बताया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 अंतर्गत अशक्त पशुओं को सड़क पर छोड़ने अथवा दुष्प्रेरित करने पर अर्थदण्ड का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 मंे जिले के 2073 पशुओं पर टेगिंग लगाया गया तथा 7719 पशुओं को विस्थापित करते हुए 1 लाख 67 हजार 830 रुपए जुर्माना लगाया गया है। वहीं 3028 पशुओं को रेडियम बेल्ट पहनाया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में 6 गोधाम संचालन की स्वीकृति दी गई है। आवारा श्वानों तथा पालतू श्वानों में पशु चिकित्सालय द्वारा टीकाकरण, बधियाकरण उपचार कार्य किया जा रहा है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी महासमुंद द्वारा पशु जन्म नियंत्रण केन्द्र तुमाडबरी में प्रारंभ होने की जानकारी दी गई। बैठक में जिले में संचालित गौशालाओं, पशु आश्रय स्थलों, पशु चिकित्सा सेवाओं, आवारा एवं निराश्रित पशुओं के प्रबंधन तथा पशु कल्याण संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की गई।






