
लोचन चौहान
प्रधान संपादक-छ.ग.सृजन
मो.7441148115
रायपुर।18.3.2026 छ.ग.राज्य वन विकास निगम के बारनवापारा परियोजना मंडल के रवान परीक्षेत्र के वन कक्ष क्रं.116,एवं 89 में दिनांक 14 मार्च 2026 को लगी भीषण आग की चपेट से उक्त वनक्षेत्र में कूप कटाई से उत्पादित लाखों रुपए की निगम की बेशकीमती वनोपज सागौन लट्ठा,बल्लीयां जलाऊ चट्टा,के साथ मिश्रित प्रजाति के भी अनेक लट्ठा,बल्लीयां,जलाऊ चट्टा,की थप्पीयां,भी जलकर कोयले व राख में तब्दील होने पर रवान परीक्षेत्र में इन दिनों हड़कंप मची हुई है। जिससे अब स्थानीय ग्रामीणों में निगम के रवान परीक्षेत्र का नेतृत्व करने वाले अफसर के खिलाफ विरोध के बादल मंडराने लगे हैं लोग अब खुलकर सामने आकर निगम के रवान परीक्षेत्र के प्रोजेक्ट रेंज अफसर हिरऊ राम पैंकरा के काले कारनामे को उजागर करने सामुहिक आंदोलन करने की तैयारी में है

हमेशा सागौन लकड़ीयों की तस्करी,कूप कटाई में अनियमितता,स्थानीय श्रमिकों की मजदुरी भुगतान में अनियमितता,वनोपज परिवहन मे लगे ट्रकों व गस्त वाहन की रखरखाव एवं मेंटेनेंस में भारी फर्जी भुगतान,वाहनों में पेट्रोल के नाम पर फर्जी बिल भुगतान,रेस्ट हाउस में जिर्णोद्धार के नाम पर वित्तीय अनियमितता,जैसे अनेक मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में अब जन आक्रोश बढ़ती जा रही है इन सभी मुद्दों में जमकर वारा न्यारा कर अपनी जेब गरम करने वाले प्रोजेक्ट रेंज आफिसर हिरऊ राम पैंकरा के संदेहास्पद कार्यप्रणाली को लेकर अब जन आंदोलन के रुप में रवान परीक्षेत्र के जल जंगल जमीन को बचाने के लिए लोग अब मैदान में उतरने को तत्पर है। कुछ ग्रामीण बताते हैं की रवान परीक्षेत्र के प्रोजेक्ट रेंज अफसर हमेशा रवान से नदारद रहते है रात दिन कभी भी निगम का कोई अधिकारी कर्मचारी रवान कार्यालय में नहीं रहते है झोपड़ी नुमा रवान परिक्षेत्र कार्यालय में हमेशा ताला लटका रहता है।

कोई भी वन्य घटना घटने पर स्थानीय छोटे कर्मचारियों पर दोषा रोपण कर उन्हें डाट फटकार और धमकी चमकी करते रहते हैं। रात्रि गश्त की कोई ठीकाना ही नहीं रहती है जिसका नतीजा क्षेत्र के जंगल में बीते दिनों अग्नि ताण्डव से भारी तबाही में निगम की लाखों की बहुमुल्य स्वर्ण काष्ठ सागौन वनोपज जलकर कोयले व राख में तब्दील हो चुकी है एवं ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। उपरोक्त उल्लेखित सभी विषयों पर निगम के उच्च आला अफसरो को गंभीरता से विचार करने की जरुरत है।


रवान के स्थानीय प्रोजेक्ट रेंज अफसर एवं डीप्टी रेंजर की गंभीर लापरवाही एवं रवान रेंज के ढुलमुल लचर मैनेजमेंट के परिणाम स्वरूप हुए अग्नि की घटना से निगम के इतनी बड़ी तादाद में जलकर वनोपजों की दुर्दशा होने के बाद भी निगम के मुख्यालय के उच्च अधिकारीयों द्वारा भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे रवान प्रोजेक्ट रेंज आफिसर पर कार्यवाही नहीं किया जाता है तो बचे हुए निगम के रवान रेंज के बहुमूल्य बेशकीमती वनोपज को कोई भी नहीं बचा सकता है। निगम के करोड़ो की बहुमुल्य सागौन व अन्य मिश्रित प्रजाति की वनोपज को ये लोग बेंच खाएंगे..जो कटु सत्य है।…. बहरहाल अब देखना होगा की इस मामले मे आगे कोई बड़ी कार्यवाही की जाएगी या फिर मामले को ठंढे बस्ते में डाल दिया जाएगा ये आने वाला वक्त ही बताएगा…







