
लोचन चौहान
प्रधान संपादक-छत्तीसगढ़ सृजन
मो.7441148115
रायपुर:16.03.2026 वैसे तो छ.ग. राज्य वन विकास निगम में भ्रष्टाचार करके निगम का लुटिया डुबाने वाले अधिकारी कर्मचारियों की कमी नहीं है लेकिन बारनवापारा परियोजना मंडल के रवान रेंज के अधिकारी कर्मचारियों की बात ही कुछ अलग है कुछ स्थानीय ग्रामीण सूत्र बताते यहां रेंजर की सिर्फ़ अफसर शाही और मनमर्जी चलती है यहां निगम के नियम कायदों की धज्जियां उड़ाकर स्थानीय रेंजर हिरऊ राम पैंकरा के द्वारा कार्य किया जाता है जिससे रवान रेंज के छोटे कर्मचारियों की मन में उनके प्रति रोष लगातार बढ़ते जा रहा है निगम में कार्य करने वाले मजदूर वर्ग के लोग बताते हैं कि जानबुझकर रेंजर द्वारा उन्हें महीनों बाद भी उनके कार्य की मजदुरी भुगतान नहीं किया जा रहा है। रही बात अग्नि घटना की तो दिनांक 14.03.2026 को रवान स्थिति निगम कार्यालय से चंद मीटर.में वनकक्ष क्रं.116, एवं 89 के जंगल में भीषण आग लगने से वनोपज की जलनें भारी तबाही हुई है जहां निगम द्वारा कुप कटाई कर सागौन एवं मिश्रित प्रजाति की वनोपज की थप्पीयां लगाया गया है

धू धू कर जलता निगम के राष्ट्रीय प्रजाति के बहुमूल्य सागौन
एवं वन विकास निगम अपने जंगलों वनोपजों की सुरक्षा के लिए प्रतिमाह लाखों रुपए चौकीदार सुरक्षा श्रमिकों व देखरेख करने के नाम ख़र्च करती है लेकिन ये सिर्फ खानापूर्ति ही साबित हुआ है इसका जिता जागता उदाहरण हाल ही में लगी भीषण आग है जिसमें लगी भीषण आग से लाखों रुपए की सागौन एवं मिश्रित प्रजाति की लट्ठा,बल्ली एवं जलाऊ थप्पीयां जलकर राख होने से निगम को लाखों रुपए का नुकसान हो चुका जिसका जिम्मेदार निगम के रवान रेंज में कौन होगा कोई नहीं जानता है लेकिन ग्रामीण लोग बताते हैं की इस पुरे अग्नि की घटना से वनोंपजों को बचाया जा सकता था वन विकास निगम के नियमानुसार कूप कटाई किए जाने वाले वनकक्षों में लट्ठो, बल्लीयों जलाऊ चट्टा,के थप्पीयों को गर्मी के मौसम में आग से बचाने के लिए थप्पी एवं आसपास की साफ सफाई किया जाता है

लाखों का सागौन लट्ठा जलकर राख

राख व कोयले में तब्दील निगम के सागौन लट्ठा बल्ली की थप्पीयां
लेकिन यहां रेंजर व डीप्टी रेंजर द्वारा किसी भी तरह से थप्पी सफाई कार्य नहीं करवाया गया था जिससे आग लगने से निगम की लाखों की बहुमुल्य वनोंपज की थप्पीयां आग में जल कर राख हो गया। थप्पी सफाई के नाम पर लाखों के बजट को गबन कर अपनी जेब गरम करने की मंशा से थप्पी सफाई न कराकर मौज करने वाले अधिकारीयों की वजह से निगम को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय निगम अधिकारीयों की गैर जिम्मेदार रवैया अगर ऐसा ही रहा तो कुछ ही वर्षों में निगम के जंगल नष्ट हो जाएगा एवं छ.ग.शासन को लाभ तो नहीं होगा बल्कि वन विकास निगम के रवान रेंज अधिकारियों की जेब गर्म करने की एटीएम शाला बनके रह जाएगा।









