
कसडोल (23 अक्टूबर 2026):छ.ग.स्कूल शिक्षा विभाग में अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने और मनमर्जी तरीके से स्कूल संचालन करने वाले शिक्षकों के रवैये पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में संचालित प्राथमिक शालाओं में, जहाँ गरीब तबके के बच्चे पढ़ने आते हैं, शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता पर गंभीर संकट मँडरा रहा है। ऐसा ही एक गंभीर मामला बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला नरधा से सामने आया है। यहाँ पदस्थ प्रधान पाठिका प्रिती बाला देवांगन, जिन पर शाला की संपूर्ण जिम्मेदारी है विभागीय नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी तरीके से अनुपस्थित रहती हैं। इससे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता की दिशा व दशा अत्यंत चिंताजनक हो गई है।

पालकों में भारी आक्रोश, औचक निरीक्षण में खुली पोल
प्राथमिक शाला नरधा में अध्ययनरत बच्चों के पालकों द्वारा लंबे समय से शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने की कोशिश की जा रही थी। आज दिनांक 23.10.2026 को पालकों, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और संकुल समन्वयक द्वारा शाला का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में शामिल प्रमुख लोग:
पुनीत राम दीवान (सरपंच)
- नंद कुमार साहू (उप सरपंच) एवं समस्त पंचगण नरोत्तम दास महंत (संकुल समन्वयक)
निरीक्षण के दौरान प्रधान पाठिका प्रिती बाला देवांगन बिना किसी पूर्व सूचना और बिना अवकाश स्वीकृत कराए स्कूल से नदारद पाई गईं। जिम्मेदार शिक्षिका की इस गैर-जिम्मेदारी से ग्रामीणों और पालकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

कसडोल क्षेत्र की प्रबंधन व्यवस्था पर उठे सवाल
जनप्रतिनिधियों और संकुल समन्वयक के इस संयुक्त औचक निरीक्षण ने नरधा स्कूल के प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है। इस घटना से कसडोल विकासखंड में संचालित शासकीय प्राथमिक शालाओं के संचालन और देखरेख पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस लापरवाह और गैर-जिम्मेदार प्रधान पाठिका पर विभाग द्वारा क्या कड़ी कार्रवाई की जाती है।






























