
सरकारी अस्पताल में एक्स-रे सुविधा बंद क्यों? मरीजों को निजी सेंटर भेजने की मजबूरी, आखिर जिम्मेदार कौन?
पिथौरा। पिथौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। अस्पताल के एक्स-रे कक्ष पर ताला लटका होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को जांच सुविधा नहीं मिलने के कारण निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अपनी जेब से अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सरकारी अस्पताल में एक्स-रे मशीन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, तो मरीजों को इस सुविधा से वंचित क्यों रखा जा रहा है? आखिर ऐसी कौन-सी वजह है कि एक्स-रे सेवा बंद पड़ी है और मरीजों को निजी केंद्रों में महंगे दामों पर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है?
सरकारी अस्पताल का उद्देश्य गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क या कम लागत में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन एक्स-रे जैसी बुनियादी जांच सुविधा बंद रहने से सबसे अधिक परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उठानी पड़ रही है। कई मरीजों का कहना है कि समय पर जांच नहीं होने से उपचार में भी देरी हो रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेकर एक्स-रे सेवा फिर से शुरू करेगा, या मरीजों को इसी तरह निजी जांच केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ेंगे?
क्षेत्र की जनता ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि एक्स-रे सेवा शीघ्र शुरू कर मरीजों को राहत दी जाए, ताकि सरकारी अस्पताल में आने वाले लोगों को उनकी आवश्यक जांच सुविधा समय पर मिल सके।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का समाधान कब तक करते हैं, या फिर मरीजों की परेशानी यूं ही जारी रहेगी।