
पिथौरा।16.02.2026 महासमुंद वनमंडल के पिथौरा वनपरीक्षेत्र के बगारपाली जंगल वन कक्ष क्रं.211 एवं 212 मे जंगली सुअरों की रहस्यमय तरीके हुए मौत के पश्चात वनरक्षक द्वारा 10 मृत जंगली सुअरों को दफन करवा दिए जाने की शिकायत के बाद इस मामले पर वन विभाग द्वारा जांच कार्यवाही शुरू किया गया पश्चात जांच में वन रक्षक की लापरवाही पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है वही जंगल में सघन सर्चिंग जांच में इस मामले में मृत सुअरों की संख्या लगातार बढ़ गई और अलग-अलग जगह से जंगली सुवरों की मृत शरीर को बरामद किया गया कुल 17 जंगली सुअरों की दर्दनाक और रहस्यमयी मौत के बाद अभी तक वन विभाग वन्य प्राणियों के मौत के वास्तविक कारणों से पर्दा उठा नहीं पाई है अब देखना होगा की मृत सुवरों का पोस्टमार्टम कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट से ही वन्य प्राणियों के मरने के मुख्य कारण का पता चलेगा। ऐसे मामले में स्थानीय वन चौकीदारों की भूमिका भी संदेहास्पद मानी जा रही क्योंकि मृत सुअरों को वन रक्षक के साथ मिलकर दफनाने में चौकीदारों की भी बहुत बड़ी भूमिका है एवं डिप्टी रेंजर छबिराम साहू की कार्यक्षेत्र में निष्क्रियता एवं गस्त ना कर ऑफिशियल प्रमाणकों में ही अपना पूरा समय लगाना भी इस घटना का महत्वपूर्ण पहलू और कारण है

जिसको लेकर वन विभाग के उच्च अधिकारी क्या कुछ कार्यवाही करते है ये तो समय आने पर ही पता चलेगा। वही कुछ ग्रामीण सुत्र बताते हैं कि यह पूरा मामला वन्यप्राणी जंगली सुअरों की शिकारियों द्वारा योजना बंद तरीके से जहर देकर टारगेट किलिंग कर मारने की है।