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दो दशक बाद अनवरपुर जलाशय की नहर में बह रही अनवरत धार,  किसानों की खेती को मिली नई सिंचाई सुविधा

महासमुंद 23 सितम्बर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा सेवा, समर्पण और जनकल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की यात्रा रही है। उनकी विकास की अवधारणा में गांव, गरीब, किसान और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सुविधाओं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रमुख रहा है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने तथा किसानों को सिंचाई सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड में अनवरपुर जलाशय की नहर की मरम्मत और जल प्रवाह बहाल
होना इसी जनकल्याणकारी प्रयास का एक उदाहरण है।
कार्यपालन अभियंता जल संसाधान श्री अजय खरे ने बताया कि जल संसाधन संभाग महासमुंद के अंतर्गत जल संसाधन उपसंभाग क्रमांक-2, बागबाहरा में स्थित अनवरपुर जलाशय का निर्माण वर्ष 1980 में पूर्ण हुआ था। जलाशय की रूपांकित क्षमता 0.534 एसीएम है। जलाशय से निकलने वाली नहर की लंबाई 3390 मीटर है और इससे 159 हेक्टेयर क्षेत्र में रूपांकित सिंचाई सुविधा उपलब्ध है। इस नहर से अनवरपुर, दामनबोड़ एवं तुरीझर गांव के किसान लाभान्वित होते हैं।

लंबे समय तक नहर की समुचित देखभाल एवं मरम्मत नहीं होने के कारण नहर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गई थी। जगह-जगह नहर के भर जाने से पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा था। इसके कारण नहर के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था। परिणामस्वरूप किसानों को अपेक्षित सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही थी और लगभग 20 वर्षों से किसानों द्वारा नहर से सिंचाई के लिए अनुबंध नहीं किया जा रहा था। कृषि कार्यों के लिए सिंचाई की सुविधा किसानों की आय और उत्पादन से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में लंबे समय से बाधित नहर व्यवस्था को पुनः सुचारु करना क्षेत्र के किसानों के लिए आवश्यकता थी।

किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन उपसंभाग क्रमांक-2, बागबाहरा द्वारा अनवरपुर जलाशय की नहर की आवश्यक मरम्मत एवं साफ-सफाई का कार्य कराया गया। नहर की स्थिति में सुधार के बाद किसानों को पुनः नहर से सिंचाई हेतु अनुबंध करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया गया। विभागीय प्रयासों और किसानों के सहयोग से अब नहर में जल प्रवाह सुचारु होने के बाद नहर के अंतिम छोर तक सिंचाई के लिए पानी पहुंच रहा है। इससे अनवरपुर, दामनबोड़ एवं तुरीझर गांव के किसानों को अपनी कृषि भूमि में समय पर सिंचाई सुविधा प्राप्त हो रही है। लगभग दो दशकों से प्रभावित सिंचाई व्यवस्था के पुनः सुचारु होने से किसानों में विश्वास बढ़ा है। नहर की मरम्मत और जल प्रवाह बहाल होने के बाद किसान पुनः सिंचाई अनुबंध की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

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