Post: छ.ग.सरकार..महासमुन्द जिले में करोड़ों के LPG गैंस घोटाले में शामिल जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव के निलंबन में विलंब क्यों..

छ.ग.सरकार..महासमुन्द जिले में करोड़ों के LPG गैंस घोटाले में शामिल जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव के निलंबन में विलंब क्यों..

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महासमुन्द 14.5.2026 महासमुंद जिले में धान खरीदी वर्ष 2025-26 में जिले के अलग-अलग धान उपार्जन केंद्रों में करोड़ों रुपए की बोगस धान खरीदी कर छ.ग.शासन को करोड़ों की चपत लगाने की खबरें प्रतिदिन सुर्खियां बटोर रही है लेकिन लोग ये नहीं जानते हैं कि इन सब के पीछे‌ कर्ताधर्ता कौन है जिस जिले का खाद्य अधिकारी ही करप्शन और भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हो जिनकी फितरत ही करप्शन करना हो और जिनकी छत्रछाया में जिले कुछ चाटुकार और पिछलग्गू लोग भी भ्रष्टाचार की मूरत के कंधे मे कंधे मिलाकर भ्रष्टाचार में शामिल हो और कमीशन के चक्कर में महासमुंद जिले के किसान एवं शासन के खजाने को लूटने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हों तो प्रशासन और सिस्टम से आम लोगों के भरोसे टूटना लाजमी है… जिस प्रकार जिले के धान उपार्जन केंद्रों में करोड़ों की बोगस धान खरीदी कर भ्रष्टाचार करने की खबरें सामने आ रही है महासमुंद जिले के लिए शर्मनाक है कलेक्टर विनय कुमार लंगेह हैं जैसे संवेदनशील अधिकारियों के कड़े दिशा निर्देश व लगातार दौरे के बाद भी देखो ये दलाल चोर अधिकारी कर्मचारी कैसे भ्रष्टाचार कर रहे हैं.. जो खाद्य अधिकारी मंत्रालयीन उच्च पद को छोड़कर पुनः: वापस जिला खाद्य अधिकारी महासमुन्द के पद में सुशोभित होता है इससे स्पष्ट है कि उनकी मंशा सिर्फ महासमुंद जिले को लूटने का था महासमुंद जिले की पानी उसे लग गया था परंतु उनके कर्मों के कारण आज उनकी सच्चाई सामने आ गई है गैस घोटाले में पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है इतनी बड़ी कार्रवाई होने के बाद भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उनको अभी तक निलंबित नहीं किया गया है क्या छत्तीसगढ़ सरकार में जिला स्तरीय उच्च पदों पर पदस्थ अधिकारियों को किसी भी दांडिक अपराध में संलिप्तता पाए जाने की पुष्टि होने पर उस अधिकारी कर्मचारी पर तत्काल निलंबन कार्यवाही नहीं किया जाना चाहिए महासमुंद पुलिस के अनुसार 50 लाख रुपए के रिश्वत खाकर गैस घोटाले के मास्टर माइंड भ्रष्टाचारी व महासमुंद जिला खाद्य विभाग का लुटिया डूबने वाला खाद्य अधिकारी अजय यादव को आखिर राज्य सरकार निलंबित क्यों नहीं कर रहा है क्या सरकार ऐसे अधिकारियों को बचाने की कसम खा चुकी है किसी भी प्रकार की गलती करने पर शासन छोटे अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ तो तत्काल निलंबन की कार्यवाही करती है लेकिन जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव को आखिर अब तक निलंबित क्यों नहीं किया गया है या फिर सिस्टम में बैठे लोग के बीच मोलभाव का खेल चल रहा है यह सोचने वाली बात है… क्रमशः…

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महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के पिरदा शाखा अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी के अधीन संचालित धान खरीदी केंद्र नरसैयापल्लम एवं बम्हनी में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान बड़े पैमाने पर बोगस धान खरीदी और करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। पूरे मामले की शिकायत ललित मुखर्जी द्वारा कलेक्टर महासमुंद से कर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

मिली जानकारी अनुसार धान खरीदी केंद्र नरसैयापल्लम में 4805 क्विंटल धान की कमी पाई गई है, जिसकी समर्थन मूल्य राशि लगभग 1 करोड़ 48 लाख 95 हजार 500 रुपये है। वहीं धान खरीदी केंद्र बम्हनी में 4375 क्विंटल धान कम पाया गया है, जिसकी शासकीय कीमत 1 करोड़ 35 लाख 62 हजार 500 रुपये है। इस प्रकार दोनों केंद्रों में कुल 9180 क्विंटल धान की बोगस खरीदी कर लगभग 2 करोड़ 84 लाख 58 हजार रुपये की भारी अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि खरीफ वर्ष 2025-26 में नरसैयापल्लम एवं बम्हनी धान खरीदी केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी, समिति प्रबंधक, धान खरीदी प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, बारदाना प्रभारी सहित अन्य कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत कर सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि आज पर्यन्त तक दोनों केंद्रों में करोड़ों रुपये मूल्य के धान की कमी बनी हुई है।

डिप्टी कलेक्टर की निगरानी के बावजूद करोड़ो का भ्रष्टाचार

गौरतलब है कि इस वर्ष पिरदा शाखा में धान खरीदी में गड़बड़ी रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा डिप्टी कलेक्टर तेजपाल सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था, ताकि उनकी निगरानी में पारदर्शी ढंग से धान खरीदी हो सके। बावजूद इसके, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से शातिराना तरीके से बोगस खरीदी कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किए जाने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है।

मामले के चर्चा के दौरान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जल्द ही जांच टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जाँच की जाएगी

धान परिवहन कराने का नोटिस दिया गया था, किंतु धान की कमी के कारण परिवहन नहीं हो पाया है। मामले की जांच की जाएगी।

— उषत प्रधान, शाखा प्रबंधक पिरदा

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