
लोचन चौहान
प्रधान संपादक-छत्तीसगढ़ सृजन
मो.7441148115
रायपुर ।छ.ग.राज्य वन विकास निगम के बारनवापारा परियोजना मंडल के रवान परिक्षेत्र अंतर्गत कक्ष क्रं.144 TP 79 के लगभग 200 हेक्टेयर जंगल से पूर्व मे निगम की राष्ट्रीय प्रजाति की सागौन वृक्षों के साथ मिश्रित प्रजाति की सैकड़ों वृक्षों की कटाई किया गया है। जिसमें भारी अनियमितता एवं त्रुटि किया गया है स्थानीय निगम अमले द्वारा नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए उच्च अधिकारीयों के आंखों में धूल झोंककर किए गए धांधली की पूरी विस्तृत कहानी आज हम आपको बताते हैं।

विदित है कि रवान परिक्षेत्र के जंगल में मुख्य रुप से सागौन वनोपज के बहुतायत उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। जहां पर मोंहदा कक्ष क्रं.144 TP 79 में कुप कटाई के लिए सैकड़ो सागौन सहित अन्य मिश्रित प्रजाति की वृक्षों में मार्किंग कर नियमानुसार उपरोक्त वन कक्ष से निर्धारित वृक्षों का ही कटाई से वनोपज उत्पादन की लक्ष्य को पूरा किया जाना था। परंतु रवान परिक्षेत्र के निगम अमले की लापरवाही तो देखिए मार्किंग किए गए वृक्षों को कटाई करवाए बिना ही मनमर्जी तरीके से निगम की वनों की अंधाधुंध कटाई करवा कर वनोपज की आपूर्ति कर दिया गया है और मार्किंग किए गए सैकड़ों की संख्या में वृक्ष अब भी खड़े हुए हैं जब बिना मार्किंग के ही वृक्षों को अंधाधुंध कटवाना था तों मार्किंग ही क्यों किया गया जब हमारी टीम ने इस पूरे मामले का मौका निरीक्षण कर एवं कुछ प्रकाशित मिडिया रिपोर्ट के आधार पर रवान रेंज के प्रोजेक्ट रेंज अफसर हिरऊ राम पैंकरा से सवाल किया तो वे इस सारे मामले में पर्दा डालते हुए झेंपते हुए स्वयं को दूध का धोया और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के सबसे ईमानदार रेंज अफसर होने का झूठे पुलिंदे बनाने लगे। यह कहना ग़लत नहीं होगा की रवान रेंज के बड़े अधिकारी कर्मचारी निगम के एसडीओ चित्रा त्रिपाठी मैडम के सहारे और गठजोड़ से रवान रेंज में नियम काययों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। स्वयं का महिमा मंडन करने में माहिर हिरऊ राम पैंकरा एक सवाल का जवाब में तो उन्होंने इतना तक कह दिया पूरे मामले की पूरी सच्चाई को वे स्वयं जानेंगे दूसरा कोई जान नहीं सकता है और मीडिया रिपोर्ट को झूठा ठहराते हुए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर अनर्गल टिप्पणी करते रहे। लेकिन वे जानते नहीं है कि निगम की कोई उच्च अधिकारी या किसी मंत्री नेता के कारण वे इतने दिनों तक बारनवापारा परियोजना मंडल में पदस्थ नहीं है बल्कि मीडिया के कैमरे से स्वयं को छुपाकर वे इतने दिनों तक एक ही जगह पर पदस्थ हैं वे लोकतंत्र की चौथे स्तंभ को कमजोर न समझे क्यों कि दुनिया जानती है मीडिया कोई भी राजनीतिक सत्ता का नींव हिलाने के साथ चाहे तो सत्ता परिवर्तन करने की भी ताकत रखता है तो रवान रेंज के रेंजर हिरऊराम पैंकरा का परिवर्तन होना कोई बड़ी बात नहीं है।

लेकिन किसी संस्था की अंदरूनी प्रणाली में दखल देने के लिए मीडिया जगत का कोई रुचि नहीं रहता है लेकिन जब अनैतिकता और भ्रष्टाचार चरम पर हो तो मीडिया अपनी भूमिका जरूर निभाती है उसका परिणाम भी समय समय पर लोगों को देखने को मिलते हैं। बहरहाल अब देखना होगा रवान परिक्षेत्र में कुप कटाई के पूर्व मार्किंग हुए खड़े वृक्षों से अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने साक्ष्य को छुपाने खड़े वृक्षों से मार्किंग नं.को मिटाई जा रही है इस पर क्या कुछ कार्यवाही निगम के उच्च अधिकारीयों के द्वारा किया जाता है। या फिर सिर्फ छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जाएगा और बड़े मुर्गों को स्वयं के खातिरदारी के लिए सुरक्षित रखा जाता है।










