
पिथौरा।(छ.ग.सृजन) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने वाली भाजपा सरकार में ED यानी 9 अवैध तरीके से धन इकट्ठा कर हवाला/दलाली कर धन्नासेठों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली केंद्र की सबसे बड़ी संस्था की कु-दृष्टि से पिथौरा में शक्तिशाली भूकंप के आने वाली झटकों से हलचल मच गई है और हजारों एकड जमीन के मुख्य घोटालेबाज लक्ष्मीनारायण अग्रवाल उर्फ ‘फून्नू’ के गिरफ्तार होकर महासमुंद जेल दाखिल होते ही केंद्र और राज्य की बड़ी संस्थाओं ने जांच-पड़ताल की प्रक्रिया तेज कर दी है।
मृतक लक्ष्मण के नाम
4 करोड़ की सम्पति..

लहरौद ओवर ब्रिज बया रोड के पास बनी 4 दुकानें
अनुसूचित जनजाति के एक अत्यंत गरीब-मजदूर मृतक लक्ष्मण पि ईतवारु सारथी 53 वर्ष के पूर्वज रोहिदास,बंसराम,हंसराम,शोभाराम,चंपाबाई और अन्य की लहरौद में बया सड़क किनारे 8-10 एकड कब्जे वाली भर्री जमीन थी उस पर वे सभी बो खा रहे थे। बरेकेल से जान बचाकर लहरौद में आकर शीशमहल बनाया और यहां भी गोरखधंधा में लग गया।लक्ष्मण घंसिया को खिलापिला कर लेबर गैंग लीडर बनाया,टेक्टर चालक बनाकर उसके परिवार को भट्टा भेजा।फिर उसके मतवाला होने पर पटवारी बेंजामिन सिक्का,के भगत व अन्य तहसीलदारों से मिलकर फर्जी पट्टे बनवाया,टुकड़ों में खरीदी बिक्री की ,नेताओं के साथ प्रभावी पाटनरी करके करोड़ो का मुआवजा लिया,जिसमें fir है और 65 लोंग फंसे है।

लक्ष्मण के नाम 4 करोड की सम्पति दर्ज हैं जिसमे लक्ष्मीनारायण का कब्जा है
और जिसमें अभी नई दिल्ली स्थित बेनामी जब्ती करने वाली अपीलीय ट्रिब्यूनल कोर्ट ने 4 फरवरी को नोटिस जारी कर जब्ती की कार्रवाई को तेज कर दिया है।अचानक ठीक 18 दिन बाद 70 वें वर्ष मे फून्नू की पहली गिरफ्तारी से दलाली का बाजार ठंडा पड़ गया है और पिलवापाली के 460 एकड फर्जीवाड़ा मे चालान पेश होने से इसके शामिल हिस्सेदार सामान सहित सब गायब हो गए हैं ।
50 करोड की बेनामी सम्पत्ति जब्ती

10 से अधिक fir और जमीन घोटालों की लम्बी फेहरिस्त के बाद अक्टूबर 2019 में दिल्ली और रायपुर की आयकर विभाग के बेनामी दस्ता द्वारा लक्ष्मण सारथी एवं आदिवासी तुलसी,पत्नी मानकी बाई एवं एक अन्य श्याम नेताम के नाम 100 से अधिक खसरों में दर्ज बेनामी जब्त की गई थी।
ज्ञात हो कि कलकत्ता के डालमिया ब्रदर्स ने जब्ती के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करने पर कुर्की इस आधार पर खारिज की गई थी कि नया कानून 16.11.2016 को अस्तित्व में आया है .. उसके पहले की खरीदी-बिक्री में कानून लागू नहीं है। अभी फिर से जब्ती की प्रक्रिया इसलिए चालू की गई है कि उसके बाद की रजिस्टी मे केस बनेगा और सजा होगी।
ED ने कार्यवाही के लिए जाल बिछाया .. 100 करोड की जांच

दिल्ली और रायपुर के क्षेत्रीय कार्यालय को दिए गये जमीन और ईट-भट्टा दलाली के आधार पर सम्पत्ति,बैंंक अकाउंट तथा समस्त दस्तावेजों के आधार पर 2022 में तत्कालीन असिस्टेंट डायरेक्टर पुरोहित पाणिग्राही ने केस रजिस्टर्ड करने की जानकारी दी थी और पूरे प्रदेश में जमीन घोटालों की जांच की बात कही थी।अभी भूपेश सरकार के शराब,कोयला,डीएमएफ केे घोटाले में ईडी उबर चुकी है।पिथौरा तहसील के जमीन घोटाले में सीबीआई और ईओडब्लू ने तो चालान पेश कर दिया है।अब आगे ईडी की कार्रवाई की ओर सभी की नजर रहेगी .. कब तक .. ? के सवाल पर .. यही उत्तर है कि भूकंप के झटके कभी भी आ सकते हैं .. सावधान ⚠












