
संपादक – लोचन चौहान
पिथौरा। डा.लालबहादुर मोहंती (विशेष संवाददाता छ.ग.सृजन).20 करोड़ से अधिक के बाजार मूल्य वाली शासकीय जमीन को बेचकर जिला जेल के मालखाने में दिन गुजार रहे मास्टर माइंड लक्ष्मीनारायण पि स्व.जगन्नाथ अग्रवाल व 15 के विरुद्ध राज्य की सबसे बड़ी पुलिस – आर्थिक अपराध रायपुर की टीम ने 2100 पन्ने का चार्जशीट प्रस्तुत कर जांच कार्य से सलामी ले ली है।ज्ञात हो लोभी दलालों और अधिकारियों को साथ लेकर उर्फ “फून्नू” ने पिथौरा तहसील से लगे 5 किमी.की दूरी पर स्थित पिलवापाली ग्राम की 460 एकड़ की शासकीय मद की जंगल ,नदी,पहाड़ी चट्टानों को भूमिस्वामी बनाकर बेचने में 7 करोड़ की अवैैध कार्य में दो तिहाई कमाई का हिस्सा लेकर स्टार बन चुका है।

2016 में EOW की FIR ..
भाजपा के शासन काल में EOW की दर्ज शिकायत क्रं – 50,दि- 04.06.2016 के आधार पर 8 महीने की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर 184 हे. = 460 एकड जमीन की हेराफेरी में 13 लोगों के वि भ्रष्टाचार,गबन,ठगी,जालसाजी और षड्यंत्र की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था पर न्यायालय से अचानक मिले जमानत ने सबको चौंका दिया था।
कछुआ की चाल की तरह चल रहे जांच में तेजी तभी आई जब तेजतर्रार और सख्त IG अमरेश मिश्रा ने ACB/EOW का प्रभार लिया और उनके निर्देश पर 9 साल बाद जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी के न्यायालय में 27 फरवरी 2025 को सम्पूर्ण साक्ष्य,बयान और दस्तावेज के साथ अंतिम चालान प्रस्तुत कर दिया गया।

CBI रायपुर से जांच में तीन नये अधिकारियों में बेंजामिन सिक्का,डी सी बंजारे, रुमेलाल साहू बने आरोपी
चालान प्रस्तुत करने वाली टीम के प्रभारी डीएसपी संदीप टंडन ने बताया कि नये आरोपियों में नया रायपुर में पदस्थ तहसीलदार बेंजामिन सिक्का,उप-पंजीयक रुमेलाल साहू (अब मृत )और एसडीएम डी सी बंजारे (जांंच में – हस्ताक्षर परीक्षण) शामिल हैं जबकि फरार होने के कारण बेंजामिन सिक्का को गिरफ्तार कर पेश नहीं किया जा सका है।13 आरोपियों में जेल से लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, चमरु यादव मेमरा,तिताश बानिक,अमर अग्रवाल,सौरभ अग्रवाल,गौरव अग्रवाल,गोविंद अग्रवाल, अनुराधा अग्रवाल,सरला अग्रवाल-सभी कल्प एग्रो रायगढ,डिप्टी कलेक्टर सदाराम ठाकुर,पटवारी करण चंद्राकर,आर आई पीताम्बर देवांगन (अब मृत) हाजिर हुए थे।

खरीददार-जिंदल स्टील एंड पा लि रायगढ
वन विभाग रायगढ में स्थित भूमि गोरेपेलम कोल ब्लाक 4/1,6/1 में कोयला उत्खनन हेतु वन विभाग से खरीदने/लीज हेतु आवेदन देने पर बदले में वन भूमि में वैकल्पिक वृक्षारोपण हेतु ग्राम पिलवापाली की 184 हे. की भूमिस्वामी हक की जमीन का प्रस्ताव लक्ष्मीनारायण से बात कर दलालों ने कल्प एग्रो लि रायगढ के माध्यम से जिंंदल को दिया गया था जिस आधार पर सहमति बनने पर दिस.2011 में रजिस्टी क्राई गई थी।

अपराध को छुपाने के लिए तहसीलदार से नामांतरण न करवाकर ग्रामपंचायत के तत्कालीन सरपंच रामशीला पति लक्ष्मणलाल बरिहा तथा सचिव यशवंत पि सहदेव डड़सेना से पटवारी करण चंद्राकर की रिपोर्ट के आधार पर 02 अगस्त 2014 को वरिष्ट मैनेजर हेमंत वर्मा के नाम दर्ज किया गया था।इसके बाद पिथौरा परिक्षेत्र अधि.जोगेश्वर प्रसाद को वृक्षारोपण हेतु 5,24,000 रु प्रति हे.दर से स्वीकृति दी गई थी।आज 25-30 एकड के कब्जा कर किसान बो खा रहे हैं बाकी जंगल जस की तस है । उल्लेखनीय है कि बेची गई जमीन राजस्व और वन विभाग की सरकारी जमीन है न कि भूमिस्वामियों की।

अकेली कमलाबई के नाम 125 एकड की रजिस्टी
ग्राम पिलवापाली की जिस कमलाकांत के नाम 125 एकड़ की रजिस्टी की गई है वो महिला गांव में खोजने पर भी नहीं पाई गई है।45 किसानों से दलाल चमरु यादव ने लक्ष्मीनारायण के साथ मिलकर धमकाकर दस से पच्चीस हजार में रु देकर अपने तथा सिक्का पटवारी व महासमुंद उप-पंजीयक कार्यालय में बारी-बारी से कोरे पेपर,स्टाम्प में हस्ताक्षर कर रजिस्टी कराया है और अपराध को अंजाम तक पहुंचाया है।
मुख्य सरगना लुका छिपी करते हुए 70 वें वर्ष में सरकते जा रहे उम्र के आखरी पड़ाव में जेल दाखिल हो चुका है ।

सम्पति कुर्क करने की तैयारी
केंद्र के ईडी , टेक्स और राज्य के पुलिस, राजस्व विभाग की टीम उसकी अवैध सम्पति का आंकलन कर रहे हैं । देर अबेर जब्ती होगी।फून्नू के खिलाफ कई शिकायते हो रही हैं और इन सब के खिलाफ लगातार पुलिस एक्सन मूड में हैं । सही है फून्नू का साथ अब सब छोड़ दिए हैं और उसकी उल्टी गिनती शुरु हो गई है चूंकि उसने अपने लिए सकेलने के सिवाय किसी का भला नहीं किया है।


















