Post: बकरीयों का अवैध परिवहन। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का धज्जियां उड़ा रहे है‌ बकरी तस्कर।

बकरीयों का अवैध परिवहन। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का धज्जियां उड़ा रहे है‌ बकरी तस्कर।

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बसना(लोचन चौहान)बकरी तस्करों के द्वारा मालवाहक वाहनों से खुलेआम बकरियों को ठूंस ठूंसकर भरकर अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है।
बता दें कि भिलाई दुर्ग,पेन्ड्रा मरवाही के बकरी तस्करों के द्वारा पालतू पशुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ कर, प्रताड़ना देते हुए छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिला के पिथौरा बसना से गढफुलझर मार्ग से उड़ीसा की ओर खुलेआम अवैध परिवहन किया जा रहा है।इसकी जानकारी शासन प्रशासन को होने के बावजूद भी किसी भी प्रकार से कार्रवाई नहीं की जा रही है।

  • पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का नहीं किया जा पालन उल्लेखनीय है कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 ,पशु क्रूरता को रोकने के लिए बनाया गया है।इस अधिनियम के तहत जानवरों के साथ क्रूरता करने पर सजा का प्रावधान है।बकरे बकरियों को 407, पिकअप वाहनों में लादकर बसना से गढफुलझर मार्ग होते हुए पदमपुर उड़ीसा की तरफ प्रत्येक सप्ताह ले जाया जाता है। मीडिया के द्वारा इसकी सूचना थाना प्रभारी बसना को दी गई लेकिन उनके द्वारा पुलिस स्टाफ भेजता हूं कहकर टाल दिया गया। जबकि गढफुलझर के आगे छत्तीसगढ़ का अंतिम ग्राम परसापाली उड़ीसा सीमा से लगा हुआ जांच चौकी स्थित है वहां पर दिन-रात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बकरियों को प्रताड़ित करते हुए उसी रास्ते परिवहन किया जा रहा है लेकिन बकरियों से भरी हुई वाहनों को पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के बजाय छोड़ दिया जाता है। जिससे जानवर तस्करों के हौसले बुलंद होते जा रहा है।

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