
पिथौरा।लोचन चौहान(छ.ग.सृजन)16/01/2025-सर्व विदित है कि महासमुंद जिला शिक्षा विभाग में वर्ष 2022-23 में सहायक शिक्षक एलबी से प्राथमिक प्रधान पाठक के रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रदान किया गया है जिसमें पदोन्नति के पूर्व शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण में जमकर गड़बड़ी कर अपने मनपसंद चहेते शिक्षकों को गलत ढंग से पदीय लाभ देकर जमकर घोटाला किया गया है। जिससे जिले के शिक्षा जगत टाइम पास कर सरकारी खजाने को लूटने का अड्डा बना हुआ है। ऐसा ही एक मामला शिक्षा वि.खं.पिथौरा अंतर्गत प्राथमिक शाला बांजकाटा के प्रधान पाठिका ज्योति दीवान का है जिनके वरिष्ठता क्रम को पिथौरा बीइओ के के ठाकुर ने नियम के विरुद्ध वरिष्ठता निर्धारण कर स्वयं के आधिन पदोन्नति समिति से प्रस्ताव पारित कर जिला शिक्षा अधिकारी को पदोन्नति के लिए भेजा गया जिसके कारण महासमुंद जिले के जिला स्तरीय वरिष्ठता सूची में अनेक वरिष्ठ शिक्षकों से उनका नाम पहले नंबर पर आ गया जिससे अनेक वरिष्ठ शिक्षकों के अधिकारों को कुचलकर बीइओ के के ठाकुर ने विभागीय नियमों व अपने उच्च अधिकारीयों के आदेशों को ठेंगा दिखा कर अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही कर अपने मनपसंद चहेते सहायक शिक्षक ज्योति दीवान को प्रधान पाठक बनाकर उसे पदीय लाभ पहुंचाकर शासन को वित्तीय क्षति भी पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ा है इस पूरे मामले की शिकायत छत्तीसगढ़ सृजन मासिक पत्रिका के संपादक लोचन कुमार चौहान ने संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग रायपुर श्री राकेश पांडे से किया था

जिस पर कार्यवाही हेतु जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत को निर्देशित किया गया था। वैसे तो पिथौरा के बीइओ के के ठाकुर एवं तत्कालीन डीईओ एस चन्द्रसेन के तालमेल आशीर्वाद और क्षत्रछाया में विभागीय पदोन्नति नियम को ताक में रखकर नियम विरुद्ध पिथौरा सहित जिले भर के विभिन्न प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठक बने शिक्षकों की एक लंबी फेहरिस्त है जिसमें प्राथमिक प्रधान पाठिका ज्योति दीवान का भी नाम शामिल हैं जिसे बीईओ के.के. ठाकुर और पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एस चंद्रसेन की सटीक तालमेल से गलत वरिष्ठता निर्धारण के आधार पर नियम विरुद्ध प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नत का लाभ दिए गए थे। यह लिखना गलत नहीं होगा की शिक्षा विभाग का लुटिया डूबोने में माहिर बीइओ के.के.ठाकुर और तत्कालीन डीईओ एस चन्द्रसेन जैसे गैर जिम्मेदार व भ्रष्टाचार मे आकंठ डूबे शिक्षा विभाग के अफसरों के गलत कार्य प्रणाली के वजह से विभागीय नियमों के विरुद्ध प्रधान पाठिका बने बाजकांटा के प्रधान पाठिक ज्योति दीवान की पदोन्नति आदेश को आज संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर संभाग राकेश पांडे द्वारा पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही हेतू दिए गए कड़े दिशा निर्देश के आधार पर लगभग दो महीने बाद आखिर मोटी चमड़ी वाले जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत ने आज निरस्त कर दिया है। ज्योति दीवान अब पदोन्नति के पूर्व पदस्थ प्राथमिक शाला गहनागांठा में पदस्थापित होंगे।अब देखना होगा इस मामले पर दो साल से विधि विरुद्ध पदीय लाभ लेते हुए शासन की आंखों में धूल झोंक कर शासन को वित्तीय क्षति भी पहुंचा चुके पदलोलुप शिक्षिका ज्योति दीवान से पदोन्नति से लेकर अब तक लगभग दो साल तक लिए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली किया जाना भी शासन के लिए अनिवार्य होगी।
संपादक -लोचन चौहान (छत्तीसगढ़ सृजन) मो.7441148115


