
पिथौरा।लोचन चौहान(छ.ग.सृजन)24/12/2024 छ.ग.राज्य वन विकास निगम लिमिटेड अंतर्गत बरनवापारा परियोजना मंडल के रवान रेंज में इन दिनों बहुमूल्य प्रजाति की सागौन लकड़ी तस्कर सक्रिय हैं रवान रेंज मे पदोन्नति प्राप्त कर हाल ही में पदस्थ हुए रेंजर एच आर पैंकरा के कंधे पर 3 स्टार लगते ही उन्हें रेंजर पद की बड़ी गर्मी चढ़ी है जिससे उसके व्यवहारिक आचरण बिगड़ने लगे हैं जानकार बताते हैं की उनके निष्क्रिय और अहंकार से भरी कार्य प्रणाली से रवान रेंज रो रहा है सूत्र बताते हैं की यहां पर शासकीय भवन में रिपेयरिंग कार्यों के नाम पर अवैधानिक कार्य चरम पर है विदित है की कुछ दिनों पहले ही अपनी नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक बुद्धिजीवी ने बताया की रवान रेंज कार्यालय के समीप सागौन लकड़ीयों का स्तेमाल कर दरवाजा फर्नीचर कार्य कराया जा रहा है जिसका फोटो विडियो शोसल मिडिया में वायरल होने के बाद रेंजर एच आर पैंकरा बौखला कर अपनी नाकामी को छुपाने के लिए किसी भी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके अनुमति के बिना रवान रेंज में खबर संकल करने के लिए घुसने नहीं देने एवं किसी भी पत्रकार को यहां की खबर संकलन करने पर मारपीट करने की धमकी देने जैसे बात कर रहे हैं उनको ऐसा लगता है कि वर्तमान में पदस्थ रवान रेंज उनकी बपौति है जिसका वे मालिक बन बैठे हैं ये अहंकारी रेंजर ये भूल जाते हैं की रेंजर भी एक जिम्मेदार लोक सेवक का पद होता है अब रवान के एच आर पैंकरा रेंजर अपने कर्तव्य को भूलकर अपनी नाकामी और अवैधानिक कार्य प्रणाली प्रवृत्ति के नशे के आगोश मे डूबने के आदि होने से अब उनके जुबान से लोगों के प्रति अमर्यादित शब्द और गंदे संस्कार निकलने लगे हैं वे कहते हैं की उनके अनुमति के बिना उनके रेंज क्षेत्र में कोई भी पत्रकार खबर संकलन नहीं कर सकता बोलते हैं और हाल ही रवान के शासकीय भवन के कार्यों पर चल रहे सागौन लकड़ी के कार्यों पर ईमानदारी के चादर ओढ़ इस्तेमाल किए जा रहे सागौन लड़कियों को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाने में लग गए है। क्या यही ईमानदारी है? खबर संकलन करने वालों के प्रति अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर वन विकास निगम एवं अपने कार्यक्षेत्र में खुद की थू थू कराने में लगे हैं। निगम का रेंजर ये भी कहने से नहीं चुकता है कि आज तक उनके कार्यप्रणाली व दामन में दाग नहीं लगी है,उनके उपर लांछन लगाया जा रहा है तो एक सवाल है कि सारा काम शासकीय सिस्टम और वैधानिक रूप से की जा रही है एक सवाल का जवाब भी दे दें अगर ऐसा है तो कार्यस्थल में इस्तेमाल होने वाले सागौन लड़कियों को आखिर क्यों इधर उधर ठिकाने लगाया जा रहा है? ईमानदारी से कार्य चल रहा है तो इतना तिलमिलाहट क्यों?।
अपने अंदर भ्रष्टाचारी और अवैधानिक कार्यों को छुपाने के लिए हाइपर होकर बेलगाम होना इधर-उधर की बातें करना कहां तक सही है। आगे भी रवान रेंज की खबरों के लिए बने रहिए क्रमशः….






