
महासमुंद।लोचन चौहान 12/12/24 (छ.ग.सृजन) छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने बहुमूल्य वनस्पतियों एवं विभिन मिश्रित प्रजाति के वन संपदाओं से अच्छादित किया है लेकिन वनों के अवैध कटाई से वन विभाग विनाश की राह पर चल रहा है ऐसा ही एक मामला महासमुंद वनमंडल क्षेत्र का है विदित है कि वनमंडल महासमुंद अंतर्गत जंगलों की अवैध कटाई के लिए मशहूर वन परिक्षेत्र पिथौरा के गिरना बीट के जंगलों की अवैध कटाई की खबर लगातार सुर्खियां बटोर रही है और महासमुन्द वन मंडलाधिकारी पंकज राजपूत के रगों में अवैध कटाई से सिमटते वनक्षेत्र के प्रति तनिक भी संवेदनशीलता दिखाई नहीं दे रही है बल्कि उल्टा आवैध कटाई के लिए जिम्मेदार अपने पसंदीदा फॉरेस्ट गार्ड को बचाने के लिए जी जान लगा रहे है अब देखना होगा आखिर वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत आखिर सच्चाई को कब तक दबाने व कुचलने की कोशिशों में लगे रहेंगें उनके इस कार्य प्रणाली से वन परिक्षेत्र पिथौरा के जंगल रो रहा है वन्य प्राणी कटते सिमटते वनक्षेत्र से प्रभावित होकर रिहायसी क्षेत्र में प्रवेश करने की खबर लगातार मिलने लगी हैं।


जानकार सूत्र बताते बताते हैं की जिस लापरवाह फॉरेस्ट गार्ड को बचाने के लिए जिले के बड़े वन अफसर राजपूत लगे हैं उसकी पूर्व और वर्तमान कार्य क्षेत्र में भी जंगल में अवैध कटाई व केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पोषित विभिन्न प्रकार के वन संरक्षण संवर्धन के नाम पर चल रहे लाखों करोड़ो रुपए के कार्य योजनाओं में भी जमकर अनियमितता किया गया है जिसकी जांच की जाए तो शासकीय खजाने को चतुर बुद्धि से कतर कर खोखले करने के बड़े कारनामों का उजागर होंगा खास बात ये है कि एक जिम्मेदार अधिकारी को इतनी बड़ी क्षेत्र में हुए अवैध कटाई का प्रमाण मिलने के बाद भी लापरवाह फारेस्ट गार्ड को सर में चढ़ा कर रखना और बचाना साफ-साफ भ्रष्टाचार है। किसी भी प्रकार के हालात से बच निकलने की चतुर बुद्धि रखने वाले ये वन अवसर क्या जंगल बचाएंगे ये सब जंगल को बेंच खा जाएंगे अगर ऐसा ही रहा तो बहुत जल्द ही शुद्ध हवा और और वनस्पतियों के लिए लोग तरसते दिखेंगे।


जिले के एक पर्यावरण प्रेमी से चर्चा के दौरान उन्होंने अपनी कुछ जिज्ञासाएं छत्तीसगढ़ सृजन समाचार पत्र के साथ साझा किया जिसमे उन्होंने बताया कि जिस प्रकार पिछले कुछ महीनो में वन परिक्षेत्र पिथौरा में जगह जगह विभिन्न वन कक्षों में जंगल की अवैध कटाई का मामला सामने आया है जिससे वनों के सुरक्षा और समुचित प्रबंधन के लिए गैर जिम्मेदार और बेकाबू होते वन कर्मचारीयों पर अपना नियंत्रण खो चुके वातानुकूलित वनमंडलाधिकारी कार्यालय के राजा वनमंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत की निश्चित ही जवाबदेही बनती है। आखिर क्या कारण है की जिम्मेदार फॉरेस्ट गार्ड को बचाया जा रहा है हाल ही में अपनी नाकामियों का भड़ास अपने निचले स्तर के अधिकारियों पर निकाल कर वे अपनी जिम्मेदारियां से नहीं बच सकते हैं ये सबसे बड़ा सवाल है। पिथौरा के गिरना बीट में हुए अवैध कटाई के मामले का खबर समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में सुर्खियों में आने के बाद आनन फानन में वन परिक्षेत्र पिथौरा के वन अधिकारियों की बैठक लेकर अपनी नाकामियों का भड़ास निकालने वाले वनमंडलाधिकारी जी आप अपनी जिम्मेदारियां को समझें और अवैध कटाई जैसे मामले में कम से कम दोषी और लापरवाह फॉरेस्ट गार्ड को न बचाकर उनके ऊपर विधि सम्मत कार्यवाही करें तो भारतीय प्रशासनिक वन सेवा का वास्तविक परिकल्पना को आप सार्थकता के साथ आगे बढ़ाने में कामयाब हो पाएंगे अन्यथा अवैध कटाई का जिम्मेदार डीएफओ के नाम से पूरे छत्तीसगढ़ व देश में आपके नाम का चर्चा का वनों के संरक्षण संवर्धन के नाम पर नहीं बल्कि वनों का भक्षण करने वाले वनमंडलाधिकारी अधिकारी के नाम से लोगों में चर्चा का केंद्र बनने के साथ वन विभाग के सबसे भ्रष्टाचारी और गैर जिम्मेदार वन अफसरों में शुमार होंगे।।वनमंडल महासमुंद के पिथौरा सहित विभिन्न वन परीक्षेत्रों में विभागीय निष्क्रियता से जंगलों के हो रहे अवैध कटाई की सटीक खबरों के लिए हमारे साथ बने रहिए क्रमश……

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लोचन कुमार चौहान
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