
महासमुंद(छ.ग.सृजन) जिला के तुमगांव स्थित मां करणी कृपा पावर प्लांट ने बुझा दिया साहू परिवार का इकलौता चिराग ग्रामीणों के लिए यमराज बनकर आया है। मां करणी कृपा पॉवर प्लांट। पावर प्लांट बनकर अभी पूर्ण रूप से तैयार नहीं हुआ है और चढ़ने लगी है युवाओं की बलि एक ही दिन की घटना से सुने हो गए दो मां के कोख और बुझ गया साहू और वर्मा परिवार का चिराग। घटना के बाद जहां दो युवाओं की मौत हो गई है।वहीं एक नव युवक जिन्दगी और मौत के बीच जूझते हुए रायपुर राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि 8 सितंबर को हुए इस भीषण दुर्घटना जिसमें तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए थे जिनमें से दो की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को करणी कृपा पॉवर प्लांट के प्रबंधन ने सूचित भी नहीं किया था। आप इस बात से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि काल का रूप धारण कर चुके पॉवर प्लांट में और कितनों की बलि चढ़ने वाली है।

प्लांट में लेबर का काम करने वालों के लिए सेफ्टी के नाम पर कुछ भी नहीं है। जान जोखिम में डाल कर मजदूरी करने वालों की कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। बावजूद इसके यह प्लांट चल रहा है। 8 सितंबर को हुई घटना में मरने वाले व्यक्तियों के परिजनों को भारी मशक्कत के बाद 25_25 लाख का मुआवजा दिया गया है। जबकि परिजनों ने 80 लाख का मुआवजा मांगा था।
निकट भविष्य में कोरोना काल से बड़ी महामारी का रूप लेगा तुमगांव स्थित मां करणी कृपा पावर प्लांट विरोध आज नही तो कभी नही।
