
कसडोल(छत्तीसगढ़ सृजन)भीषण गर्मी में जहां एसी कूलर एवं अन्य सर्व सुविधा युक्त संसाधन के बावजूद इंसानी जिंदगी भी भीषण गर्मी से व्याकुल हो रहे है वहीं ऐसे में वन्य जीव भी भीषण गर्मी से तपती धरती और वन्य वायुमंडल के गर्म होने और वन्य जीव के पानी पीने के स्रोत जंगलों के नदियां तलाब के सूखने जाने से प्यास बूझाने पानी की तलाश में आबादी क्षेत्रों में आ जाते हैं। आबादी क्षेत्र में आने के कारण या तो वे खुद आवारा कुत्तों के शिकार हो जाते है या फिर वे ग्रामीण लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं।

ऐसी ही घटना आज सुबह घटी जहां जंगल से लगे आबादी क्षेत्र में पानी की तलाश में आये एक हिरण की जान ग्रामीणों की सजगता से बच गई।
पूरी घटना विकासखंड मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर दूर बसे गांव बिलारी से लगे जंगल से भटक कर भीषण गर्मी में प्यास बुझाने पानी की तलाश में समीप के नाले में पानी पीने आ गया रिहायसी क्षेत्र में पहुंच जाने के कारण आसपास मंडराने वाले आवारा कुत्तों की वजह से अपनी जान बचाते बिलारी गांव के एक ग्रामीण के घर घुस गई । हिरण को घर में घुसते देख घर में अफरा तफरी सी मच गई,तभी पत्रकार समेश्वर कमलवंशी के द्वारा वन अमलों के साथ ही क्षेत्र के पशु चिकित्सक को भी फोन से सूचना दी गई । तत्पश्चात पशु चिकित्सक डॉ नरेंद्र देवांगन द्वारा हिरण की चिकित्सा जाँच उपरांत वन कर्मचारियों द्वारा हिरण को जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया।




