
महासमुंद/लोचन चौहान (छत्तीसगढ़ सृजन) 02/05/2024 महासमुंद वन मंडल के सभी वन परीक्षेत्रों में आज से छत्तीसगढ़ का हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य जिले के सभी 75 लघु वन वनोपज समितियों के 785 संग्रहण केन्द्रों(फड़ों) के अंतर्गत आने वाले कुल 1,07885 संग्राहक परिवार के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य आज से शुरू हो चुकी है इस वर्ष महासमुंद जिले के 75 लघु वनोपज समितियों के माध्यम से कुल 91300 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण करने का लक्ष्य रखा गया है इस वर्ष छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार महासमुंद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ मे 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से संग्राहक परिवारों को तेंदूपत्ता वनोंपज संग्रहण का भुगतान होगा।



महासमुंद जिले के सरायपाली बसना पिथौरा सहित जिले भर में आज से हरा सोना का संग्रहण शुरू हो गया है प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शासन द्वारा वनोंपज संग्रहण के पहले लघु वनोपज समितियों के कर्मचारियों फड़ मुंशीयों सहित तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे सभी कर्मचारियों को जिले में बेहतर और प्रचुर मात्रा में तेंदूपत्ता उत्पादन को बढ़ाने साखकर्तन करने की विधियों को समझाने कार्यशाला लगाकर प्रशिक्षित की गई थी जिसे बेहतर साख कर्तन एवं समय-समय पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए हैं वही महासमुंद जिला छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता उत्पादन करने में अव्वल है महासमुंद वन मंडल अंतर्गत वनोंपज संग्रहण के समय मे अन्य सिमावर्ती जिला व जिले की सीमा से सटे दीगर राज्य गैर क्षेत्रों से भी तेंदूपत्ता की तोड़ाई कर कोंचिया व दलालों द्वारा जिले के सीमावर्ती वनोपज समितियों में खपाने की संभावना रहती है। इसलिए महासमुंद जिला पूरे छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण में अनियमिता के नाम से भी सुर्खियों में रहता है। बहरहाल इस वर्ष खबर लिखे जाने तक किसी भी प्रकार की कोई तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में अनियमितता की खबरें नहीं मिली है। केवल वन परीक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत आने वाले लगभग 28 सहकारी समितियों के लगभग 222 फड़ों के लिए क्षेत्र के 29700 संग्राहक परिवार आज से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में लग चुके हैं।



