Post: छत्तीसगढ़ सहित देश भर में गौ तस्करी से गौ वंशों के अस्तित्व खतरें में।

छत्तीसगढ़ सहित देश भर में गौ तस्करी से गौ वंशों के अस्तित्व खतरें में।

685 Views

रायपुर/(छत्तीसगढ़ सृजन)-छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगातार अलग-अलग जिलों में गोवंशों की अवैध तस्करी की खबर कोई नई बात नहीं है परंतु धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश सांस्कृतिक धार्मिक व ऐतिहासिक रूप से पूरी दुनिया में विख्यात है यहां सैकड़ो किस्म के सुगंधित अनाज और खाद्य पदार्थों का उत्पादन होता है जिसका मुख्य आधार प्राचीन समय से छत्तीसगढ़ की धरती को सर्व कृषि उपयुक्त व उपजाऊ बनाने वाली गौ आधारित गोबर खाद या गौ उत्पाद ही होती है।

परंतु जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से लगातार जगह-जगह वंशों की तस्करी हो रही है। जिससे छत्तीसगढ़ में गौ वंशों के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है अब तक छत्तीसगढ़ गठन के बाद कइ सरकारों ने कई योजनाएं तो बनाएं है परंतु समुचित क्रियान्वयन के अभाव में गोवंशों के संरक्षण संवर्धन कम और उनके नाम पर शासकीय खजाने का दोहन ही अधिक हुआ है। किसी भी तरह की कोई गौ संरक्षण संवर्धन की कोई ठोस कानून ना बनी है और ना ही गौ वंशों का संरक्षण संवर्धन हुआ है बल्कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में जगह-जगह इन दिनों गौ वंशों के बड़े तादाद में गौ तस्करी और भी बढ़ती गई है जानकारी अनुसार इन दिनों छत्तीसगढ़ के महासमुंद,कोरबा रायपुर गरियाबंद रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों के रास्ते  से भी गौ वंशों की तस्करी लगातार जारी है

वही छत्तीसगढ़ के गौ सेवक उमेश बिसेन अपने साथीयों के साथ मिलकर पूरे छत्तीसगढ़ मे जगह-जगह गौ संरक्षण संवर्धन के लिए आवाज उठाते नजर आते हैं

ऐसे ना जाने कितने लोग गौरक्षण के लिए अपने-अपने स्तर में कार्य कर रहे हैं एवं कई जगह में अलग-अलग संगठनों संस्थाओं,गौ सेवकों द्वारा गौ संरक्षण संवर्धन हेतु लगातार संघर्ष करते देखे जा सकते हैं लेकिन लचीले कानून होने के कारण गौवंशों की तस्करी कम होने के बजाय और भी बढ़ती जा रही है भारत में प्राचीन समय से गौ व गोबर खाद आधारित धान व विभिन्न अनाज खाद्य पदार्थों की फसल पैदा करने के लिए मशहूर छत्तीसगढ़ से भी गौ वंशों की  बेतहाशा तस्करी चिंता का विषय है बता दें कि छत्तीसगढ़ गठन के बाद बनी सरकारें और सिस्टम ने किस कदर गौ तस्करी करने वाले तस्करों और कोंचियो के सामने घुटने टेकने को मजबूर है जिससे पूरे छत्तीसगढ़ से होने वाली गौ तस्करी को रोकने और एवं गौ वंशों के संरक्षण संवर्धन में लगे लोगों के माथे पर चिंता कि लकीरें साफ-साफ नजर आती है। छत्तीसगढ़ सृजन से एक चर्चा के दौरान गौ सेवा में लगे उमेश बिसेन ने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ में गौ संरक्षण संवर्धन नहीं होगी तो कभी भी गोबर खाद नहीं मिलेगी और अंत में छत्तीसगढ़ की उपजाऊ भूमि को नष्ट व बंजर होने से कोई नहीं बचा सकता। आजकल खेतों में पैदावार और ऊपज बढ़ाने आधुनिक व रासायनिक कृषि दवाइयां उत्पादों से पैदावार तो हो रही है जो साथ में कई प्रकार की नई-नई बीमारियों को भी जन्म दे रही है रासायनिक खाद व दवाइयों की उपयोग से छत्तीसगढ़ की भूमि की वास्तविक उर्वरक शक्ति क्षीण होती जा रही है केवल गाय की गोबर है जो बिना कोई नुकसान किये भूमी की वास्तविक उर्वरक शक्ति बढ़ाकर शुद्ध अनाज के प्रचुर उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है इसलिए केन्द्र व राज्य सरकारों व इस दिशा में कार्य कर रहे गैर सरकारी संस्थाएं और पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों को गौ आधारित उत्पाद पर जोर देकर छत्तीसगढ़ में गांव गांव में गौ संरक्षण संवर्धन को प्रमुखता और गंभीरता पूर्वक इसके रक्षण और महत्व को समझकर कार्य करने की आवश्यकता है

केन्द्र व राज्य सरकारों देशभर में चल रहे बूचड़ खानों को पूरा बंद कर गौ सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाकर गौ संरक्षण संवर्धन के लिए और भी अधिक प्रबलता के साथ आगे आकर छत्तीसगढ़ सहित सम्पूर्ण देश में गौ वंशों को बचाने के लिए सभी की सक्रियता व भागीदारी कानूनी रुप से सुनिश्चित करनी चाहिए अन्यथा आधुनिकता के आगोश में अपने प्राचिन मूल्यों के पल पल हो रहे क्षरण से यह सभ्य समाज विष युक्त जीवन जीने के साथ आधुनिकता के आगोश में समाकर यह सभ्य और संस्कार युक्त समाज रासायनिक खाद के प्रभाव से युक्त विषाक्त अनाज और विभिन्न खाद्य पदार्थों के पैदावार कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लालच में आकर धीरे-धीरे असमय विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों से ग्रसित होकर असमय मृत्यु के गाल में सामने को मजबूर हो रही है। इसलिए छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में आधुनिक कृषि पद्धतियों को स्वीकार करते हुए साथ में प्राचीन गौ आधारित उत्पादों को उपयोग में लाकर एक साथ गौ संरक्षण संवर्धन और मानव जीवन को विकसित व सशक्त और स्वावलंबी करने के लिए वर्तमान में बनी सरकारें व संस्थाओं को गंभीरता पूर्वक विचार कर कार्य करने की आवश्यकता है। तभी नवयुग में श्रेष्ठ एवं सशक्त भारत का निर्माण करने में यह भारतीय समाज अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर सकेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Recent Post