
महासमुन्द। दिनांक 06/10/2026 को महासमुन्द वनमंडल अंतर्गत वनपरिक्षेत्र बागबाहरा के वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा अपने हमराह स्टाफ नवीन शर्मा, उपवनक्षेत्रपाल, टोमन दीवान, वनरक्षक, महेश चंद्राकर, वॉचर, पूनम साहू, वॉचर एवं हरदेव वर्मा, चालक के साथ ढोड परिसर के कक्ष क्रमांक 95-96 में जंगली सुअर के अवैध शिकार एवं वन्य मांस के अवैध विक्रय संबंधी सूचना के आधार पर रात्रि गश्त पर थे।इसी दौरान तमोरा क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा वन अमले के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी दी गई तथा लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचकर वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को घेर लिया गया। संख्या बल अधिक होने के कारण कुछ कर्मचारी सुरक्षित स्थान की ओर चले गए,जबकि वनपरिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा एवं उप वनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा मौके पर रह गए। इनमें से कुछ व्यक्तियों के शराब के नशे में होने की बात भी सामने आई।
आरोप है कि अतिक्रमणकारियों ने दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की,जिससे उन्हें चोटें आईं और रक्तस्राव हुआ। इस दौरान वनपरिक्षेत्र अधिकारी का पर्स और उप वनक्षेत्रपाल का मोबाइल फोन भी छीन लिए जाने की बात कही गई है। इसके बाद दोनों अधिकारियों को तमोरा वनखंड से लगे खेत में स्थित एक छोटे मकान में ले जाकर बंधक बनाए रखने का आरोप है। बताया गया है कि उन्हें रात करीब 7:30 बजे से 12:30 बजे तक लगभग पांच घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।घटना की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा तत्काल व्हाट्सऐप के माध्यम से उच्च अधिकारियों तथा थाना प्रभारी बागबाहरा एवं खल्लारी को सूचना दी गई। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस बल तथा वनपरिक्षेत्र बागबाहरा एवं महासमुंद का वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। यदि समय पर पुलिस बल एवं वन अमला मौके पर नहीं पहुंचता,
तो अतिक्रमण कारियों द्वारा की गई मारपीट एवं हमले की गंभीरता को देखते हुए वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जान तक जा सकती थी। समय पर बल के पहुंचने से एक गंभीर एवं संभावित जनहानि की स्थिति को टाला जा सका।पुलिस एवं वन अमले द्वारा संबंधित व्यक्तियों को समझाइश देकर दोनों अधिकारियों को मुक्त करने का प्रयास किया गया, किंतु उनके द्वारा अधिकारियों को छोड़ने से इनकार करते हुए पुलिस एवं वन अमले के साथ भी विवाद एवं बहस की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस एवं वन अमले द्वारा सुरक्षा घेरा बनाकर वन परिक्षेत्राधिकारी नवीन वर्मा एवं उप वनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इसके पश्चात दोनों अधिकारियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
घटना में शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी, शासकीय सेवकों के साथ अभद्र व्यवहार, सामान छीनने तथा अधिकारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध बंधक बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों एवं अन्य अभिलेखों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित विधि के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।इस घटना से वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भय एवं दहशत का वातावरण उत्पन्न हुआ है। इसके बावजूद वन अमला वनभूमि की सुरक्षा,वन अपराधों की रोकथाम तथा वन संपदा के संरक्षण के लिए अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन निरंतर करता रहेगा।पूर्व में भी वन अपराध एवं शासकीय कार्य में बाधा के प्रकरण उक्त क्षेत्र में वनभूमि पर अतिक्रमण एवं वन विभाग के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के संबंध में पूर्व में भी कार्रवाई की जा चुकी है। अतिक्रमण के प्रयासों के संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19940/12, 19940/13, 19940/14, 19940/15 एवं 19940/16, दिनांक 25/03/2026 को दर्ज किए गए हैं।इसी प्रकार दिनांक 13/05/2026 को वृक्षारोपण हेतु क्षेत्र तैयारी के दौरान वन अमले के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी एवं शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने के संबंध में थाना खल्लारी में FIR क्रमांक 0055/2026, दिनांक 14/05/2026 दर्ज कराई गई थी।वनभूमि पर पुनः जुताई कर खेती करने तथा रोपित बाँस एवं सागौन के पौधों को क्षति पहुंचाने के प्रयासों के संबंध में दिनांक 20/07/2026 को वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19940/17, 19940/18, 19940/19, 19940/20 एवं 19940/21 भी दर्ज किए गए हैं वन विभाग द्वारा विगत वर्षों में अतिक्रमण हटाने तथा वनभूमि की सुरक्षा के लिए नियमानुसार लगातार कार्रवाई की जाती रही है। दिसंबर 2025 में भी जिला प्रशासन, वन विभाग एवं पुलिस बल द्वारा संबंधित व्यक्तियों को वनभूमि पर अतिक्रमण नहीं करने तथा विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करने हेतु समझाइश दी गई थी।
वन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण, वन संपदा को नुकसान पहुंचाना, शासकीय कार्य में बाधा डालना, शासकीय सेवकों के साथ मारपीट अथवा धमकी देना तथा किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध बंधक बनाना गंभीर एवं दंडनीय कृत्य हैं। ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।वन विभाग द्वारा वनभूमि की सुरक्षा, अतिक्रमण की रोकथाम तथा वन्यजीव एवं वन संपदा के संरक्षण हेतु कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील है कि वे वन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग अथवा पुलिस को दें।


























