
पिथौरा 21.05.2026 वि.खं.शिक्षा अधिकारी कार्यालय पिथौरा के एक अधिकारी की चर्चा इन दिनों खुब सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि यहां शिक्षा विभाग के नियमों के विरुद्ध एक ऐसा खेला किया गया है जो पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है पूरे मामले का मास्टमाइंड महासमुंद जिला में वार्षिक परीक्षा पेपर में विकल्पीय प्रश्न पत्र में कुत्ता-एवं राम शब्द का प्रकाशन कर विद्यार्थियों के वार्षिक परीक्षा में लापरवाही बरतने के मामले में प्रदेश भर में चर्चित एवं वर्तमान में राज्य शासन द्वारा सस्पेंडेड महासमुंद जिला के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे के कार्यकाल में महासमुंद जिला जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के द्वारा जारी आदेश पत्र क्रं./2107/स्था.राज/सहा.वि.खं.शिक्षा अधिकारी /2025-26 महासमुंद दिनांक 27.03.2026 मे महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा हस्ताक्षरित किए गए एक आदेश पत्र पारित किया गया है जिस आदेश पत्र के अनुसार बसना ब्लाक के पूर्व माध्यमिक शाला मोहका के शिक्षक(अराजपत्रित)पूर्णानंद मिश्रा को पिथौरा ब्लाक के सहायक वि.खं.शिक्षा अधिकारी के महत्वपूर्ण राजपत्रित पद पर कार्य करने हेतू आदेश पारित की गई है जो अवैधानिक है

क्योंकि अगर किसी अरोग्य और अराजपत्रित पद के व्यक्ति को अगर राजपत्रित पदों में बिठाया जाता है तो क्या वे अपना हस्ताक्षर वैधानिक रुप से राजपत्रित पदनाम के जगह पर अपनी सील सिक्का का उपयोग नहीं करेगा..? बिल्कुल पदनाम और सील सिक्का का उपयोग तो जरुर करेगा भले ही उस पद के लिए उनकी योग्यता नहीं हो..परंतु ऐसा नहीं है पिथौरा वि.खं.में अधिकारियों की गलत नीतियों के कारण ये सब हो रहा है उच्च अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी यहां सब कुछ उल्टा पुल्टा कार्य किया जा रहा है राजपत्रित पद के कुर्सी पर अराजपत्रित पद के व्यक्ति अपनी राजनीति पहुंच होने के कारण अपनी नेतागिरी झाड़ रहा है और पिथौरा शिक्षा विकासखंड के हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में पदस्थ अनेक योग्य राजपत्रित स्तर के कर्मचारियों को सिस्टम की गलत नीती निर्धारण से अराजपत्रित व्यक्ति मार्गदर्शन दे रहा है जो शर्मनाक एवं निंदनीय है ऐसी स्थिति तो छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में कहीं पर नहीं होता होगा लेकिन ये पिथौरा है भैया कुछ भी हो सकता है। वही इस पूरे मामले पर संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग रायपुर के अधिकारियों को इस पूरे मामले का संज्ञान होने पर शिक्षा संभागीय कार्यालय के द्वारा संचालनालय (DPI) लोक शिक्षण छ.ग.शासन इंद्रावती भवन नया रायपुर को मामले पर तत्काल कार्यवाही के लिए एक पत्र प्रेषित की गई है

अराजपत्रित सहायक वि.खं.शिक्षा अधिकारी पिथौरा
जिससे पिथौरा के अराजपत्रित सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पूर्णानंद मिश्रा की बनावटी कुर्सी के नीचे सीधी व लंबी तलवारें लटक रही है..अब देखना होगा कि विवादों से घिरे पिथौरा के सहायक वि.खं.शिक्षा अधिकारी अराजपत्रित शिक्षक पूर्णानंद मिश्रा को कब तक राजपत्रित कुर्सी से हटाया जाता है या फिर कानून कायदों को कुचलते हुए अपनी राजनीति और चतुराई से पिथौरा ब्लॉक के अनेक संस्थाओं में पदस्थ योग्य कर्मठ राजपत्रित कर्मचारियों के हक और अधिकारों को कुचलकर बसना के अयोग्य व्यक्ति को शिक्षा वि.खं.पिथौरा के मेहनतकश विभागीय कर्मचारीयों को लूटने के लिए ऐसे ही स्थिरता बनी रहेगी ये तो आने वाले समय में पता चल पाएगा… वही विभागीय अंदरूनी गलियारों में इस मामले की चर्चा प्रतिदिन होने की खबरें भी मिलने लगी है लेकिन कोई बोल नहीं रहा है लेकिन हम पत्रकार हैं हम सच्चाई को लिखेंगे और सरकार और सिस्टम के गलत नीति निर्धारण और उनकी नाकामियों का कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए जनहित के लिए अपनी भूमिका को निभाते रहेंगे……






