
रायपुर।17.03.2026 छ.ग.राज्य वन विकास निगम के बारनवापारा परियोजना मंडल के रवान परीक्षेत्र के वन कक्ष क्रं.116,एवं 89 में दिनांक 14 मार्च 2026 को लगी भीषण आग की चपेट से उक्त वनक्षेत्र में कूप कटाई से उत्पादित लाखों रुपए की निगम की बेशकीमती वनोपज सागौन लट्ठा,बल्लीयां जलाऊ चट्टा,के साथ मिश्रित प्रजाति के भी अनेक लट्ठा,बल्लीयां,जलाऊ चट्टा,की थप्पीयां,भी जलकर कोयले व राख में तब्दील होने पर रवान परीक्षेत्र में इन दिनों हड़कंप मची हुई है। जिससे अब स्थानीय ग्रामीणों में निगम के रवान परीक्षेत्र का नेतृत्व करने वाले अफसर के खिलाफ विरोध के बादल मंडराने लगे हैं लोग अब खुलकर सामने आकर निगम के रवान परीक्षेत्र के प्रोजेक्ट रेंज अफसर के काले कारनामे को उजागर करने सामुहिक आंदोलन करने की तैयारी में है

हमेशा सागौन लकड़ीयों की तस्करी,कूप कटाई में अनियमितता,स्थानीय श्रमिकों की मजदुरी भुगतान में अनियमितता, वनोपज परिवहन करने लगे ट्रकों व कुछ गस्त वाहन की रखरखाव एवं मेंटेनेंस में भारी फर्जी भुगतान,वाहनों में पेट्रोल की फर्जी बिल भुगतान,रेस्ट हाउस में जिर्णोद्धार के नाम पर वित्तीय अनियमितता,जैसे अनेक मुद्दों को लेकर अब जन आंदोलन के रुप में रवान परीक्षेत्र के जल जंगल जमीन को बचाने के लिए लोग अब मैदान में उतरने को तत्पर है।

कुछ ग्रामीण बताते हैं की रवान परीक्षेत्र के प्रोजेक्ट रेंज अफसर हमेशा रवान से नदारद रहते है रात दिन कभी भी निगम का कोई अधिकारी कर्मचारी रवान कार्यालय में नहीं रहते है झोपड़ी नुमा रवान परिक्षेत्र कार्यालय में हमेशा ताला लटका रहता है। कोई भी वन्य घटना घटने पर स्थानीय छोटे कर्मचारियों पर दोषारोपण कर उन्हें डाट फटकार और धमकी चमकी करते रहते हैं। रात्रि गश्त की भी कोई ठीकाना नहीं रहती है जिसका नतीजा क्षेत्र के जंगल में अग्नि ताण्डव से भारी तबाही में निगम की लाखों की बहुमुल्य वनोपज जलकर राख हो चुकी है एवं ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। उपरोक्त उल्लेखित सभी विषयों पर निगम के उच्च आला अफसरो को गंभीरता से विचार करने की जरुरत है।







