
पिथौरा।08.02.2026 पिथौरा वनपरीक्षेत्र के बगारपाली जंगल कक्ष 211/एवं 212 के भीतर 10 जंगली सुअरों के अवैध शिकार कर गुपचुप दफन करने की शिकायत पर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन्यप्राणी)मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक छ.ग.अरुण कुमार पाण्डेय के फटकार के बाद हरकत में आया पिथौरा वनअमला डीएफओ मयंक पाण्डेय के नेतृत्व व एसडीओ फारेस्ट डिंम्पी बैस के विशेष मार्गदर्शन में मामले पर सुक्ष्म जांच की जा रही है जिस जांच में बीते दिनों जंगलों के भीतर चलाएं गए सर्चिंग अभियान में आठ जंगली सुअरों के मृत बॉडी दफन किए गए स्थल से रिकवर कर पीएम कर कार्यवाही किए गए थे एवं एक नेवले को भी दफ़न किये होने की बात स्थानीय चौकीदारों ने स्वीकार की गई थी लेकिन नेवले की मृत बॉडी किसी अज्ञात जंगली जानवरों के खा लिए जाने से रिकवर नहीं हो पाया।


पिथौरा एसडीओ फारेस्ट डिम्पी बैस की सर्च ऑपरेशन जारी

बगारपाली के जंगल में शिकारीयों ने जंगली सुअरों के अवैध शिकार का ऐसा नंगा नर्तन का खेल खेला है की चारों ओर मृत जंगली सुअरों के दुर्गंध से जंगल के दसों दिशाओं में हाहाकार मच गया है जो पिथौरा वनपरीक्षेत्र के साथ पूरे महासमुंद वनमंडल के इतिहास में पहली बार वन्य प्राणियों के ऐसे सामुहिक संहार होने का एक इतिहास बन गया है वन्य प्राणियों के मृत शरीर के चिथड़े चिथड़े अवशेष उनकी हड्डियां और दांतो के टुकड़े जगह-जगह जंगल में बिखरे पड़े मिले। लेकिन अब तक वन्य प्राणियों के संहार करने वाले मुख्य आरोपियों तक विभाग का शिकंजा नहीं पहुंच पाया है लेकिन विभाग दावा कर रही है कि जल्द ही इस मामले के मुख्य आरोपियों को पड़कर सलाखों के पीछे किया जाएगा।


बीते दिनों जंगली सुअरों के 10 में से आठ मृत दफन बॉडी को विभाग द्वारा रिकवर कर कार्यवाही की गई थी एवं दो जंगली सूअर की मृत दफन बॉडी रिकवर नहीं हो पाये थे जिसे विगत दिनों उर्री डोंगरी के पीछे से एक मृत सुअर की बाडी एवं आज छ.ग.सृजन की सुचना से एक मृत जंगली सुअर की बाडी एवं अन्य जगह से सर्चिंग के दौरान दो जंगली सुअरों के बाडी रिकवर किया गया है अब तक इस सनसनीखेज मामले की जांच में कुल आंकड़े से भी ऊपर 12 जंगली सुअरों के मृत बाडी रिकवर हो चुकी है अब देखना होगा वन्यप्राणियों के अवैध शिकार के इस सनसनीखेज मामले में दोषी जिम्मेदारों के गर्दन कब तक कानून के सिंकंजे में फंसती है एवं इस मामले में संलिप्त लापरवाह फारेस्ट गार्ड डिलेश्वरी दीवान और डिप्टी रेंजर छबीराम साहू के ऊपर क्या कुछ कड़ी कार्यवाही की जाती है अब यह देखने वाली बात होगी। इस मामले की जांच टीम से प्राप्त जानकारी के अनुसार एकाएक लगातार अज्ञात कारणों से मृत जंगली सुअरों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं आगे भी आंकड़ा बढ़ने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है जो बहुत चिंताजनक है घटना क्षेत्र व समीप के जंगलों में विशेष सर्चिंग करने और मामले की बारीकी को समझने एवं इस मामले के मुख्य गुनहगार को पकड़ने व जांच की अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने के लिए इस तरह के मामले के वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट को भी कल बुलाए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन सबसे ज्यादा चिंताजनक बात है कि इस मामले में अबतक लापरवाह फारेस्ट गार्ड डिलेश्वरी दीवान और डीप्टी रेंजर छबीराम साहू को एक स्पष्टीकरण का एक लेटर तक भी जारी नहीं किया गया है जिससे वनपरिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के प्रणाली भी संदेह के दायरे में है ऐसा लगता है जैसे इतनी बड़ी वन्य प्राणियों के सामुहिक विनाश के इस सनसनीखेज एवं अति संवेदनशील मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। जो बहुत निंदनीय है।
