
बसना 2.11.2026 शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक परिस्थितियों, सामाजिक व्यवस्था और अपने आसपास के परिवेश से परिचित कराना भी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पीएम श्री सेजेस बसना के कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण के माध्यम से बच्चों ने बैंक, साप्ताहिक हाट-बाजार, कृषि मंडी एवं पुलिस थाने का अवलोकन कर इन संस्थानों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को प्रत्यक्ष रूप से समझा।
यह शैक्षिक भ्रमण पर्यावरण अध्ययन विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया। कक्षा पांचवीं के पाठ्यक्रम में हमारे परिवेश, सामाजिक संस्थाओं, बैंक, बाजार, हाट, मंडी एवं सार्वजनिक सेवाओं के महत्व का अध्ययन कराया जाता है। सामान्यतः विद्यार्थी इन विषयों को पुस्तकों एवं कक्षा शिक्षण के माध्यम से समझते हैं, लेकिन जब उन्हें इन स्थानों पर जाकर वास्तविक गतिविधियों को देखने और संबंधित अधिकारियों से सीधे जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है, तो उनका ज्ञान अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है।

बैंक, हाट-बाजार, कृषि मंडी और पुलिस थाने पहुंचकर जानी सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली
इस उद्देश्य से पर्यावरण अध्ययन विषय के शिक्षक योगेश कुमार बढ़ाई के नेतृत्व में विद्यार्थियों को विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य सुश्री गिरिजा साहू के निर्देशन, के.के. पुरोहित के मार्गदर्शन तथा प्राथमिक विभाग के प्रधान पाठक हरिराम साव के सहयोग से किया गया।

बैंक भ्रमण : बच्चों ने समझी बचत और आर्थिक लेन-देन की प्रक्रिया
शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बैंक पहुंचकर बैंकिंग व्यवस्था को नजदीक से देखा। बैंक मैनेजर ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें बैंक की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बैंक हमारे आर्थिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैंक में लोग अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित जमा करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उसे निकालते हैं। बैंक के माध्यम से बचत खाता, चालू खाता, ऋण, धन हस्तांतरण, डिजिटल भुगतान तथा अन्य वित्तीय सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
बच्चों को यह भी बताया गया कि बैंक में ग्राहकों की सहायता के लिए अलग-अलग काउंटर होते हैं। बैंक कर्मचारी किस प्रकार ग्राहकों के लेन-देन एवं अन्य बैंकिंग कार्यों को पूरा करते हैं, इसकी जानकारी भी दी गई।
किताबी ज्ञान को वास्तविक जीवन से जोड़ने की अनूठी पहल, बच्चों ने अधिकारियों से किए सवाल और प्राप्त की महत्वपूर्ण जानकारियां
बैंक मैनेजर ने विद्यार्थियों को छोटी उम्र से ही बचत की आदत विकसित करने, पैसों का सही उपयोग करने तथा अनावश्यक खर्च से बचने की सीख दी। बच्चों ने बैंक से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस भ्रमण से बच्चों को समझ आया कि बैंक केवल पैसे जमा करने और निकालने का स्थान नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण संस्था है।

साप्ताहिक हाट-बाजार : ग्रामीण अर्थव्यवस्था का जीवंत उदाहरण
विद्यार्थियों ने साप्ताहिक हाट-बाजार का भ्रमण कर ग्रामीण जीवन और स्थानीय व्यापार व्यवस्था को समझा। हाट-बाजार ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। यहां आसपास के गांवों से किसान, छोटे व्यापारी, दुकानदार एवं आम नागरिक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार वस्तुओं की खरीद-बिक्री करने आते हैं।
बच्चों ने बाजार में सब्जियों, फलों, अनाज, कपड़ों, घरेलू उपयोग की वस्तुओं तथा अन्य सामग्री की दुकानों का अवलोकन किया। उन्होंने जाना कि किसी वस्तु का मूल्य कैसे निर्धारित किया जाता है, ग्राहक और दुकानदार के बीच किस प्रकार लेन-देन होता है तथा नाप-तौल का व्यापार में क्या महत्व है।
शिक्षक ने विद्यार्थियों को समझाया कि बाजार में वस्तुओं की उपलब्धता मांग और आपूर्ति पर भी निर्भर करती है। हाट-बाजार स्थानीय उत्पादकों को अपने उत्पाद बेचने का अवसर देता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करता है।
बच्चों ने यह भी जाना कि बाजार केवल खरीद-बिक्री का स्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज के आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक संपर्क का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
कृषि मंडी : किसान से उपभोक्ता तक पहुंचती है उपज
कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण कृषि मंडी का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। विद्यार्थियों ने मंडी का भ्रमण कर कृषि उत्पादों के व्यापार की प्रक्रिया को समझा।
उन्हें बताया गया कि किसान अपनी मेहनत से धान, गेहूं, दलहन एवं अन्य कृषि उपज का उत्पादन करते हैं। इसके बाद इन उत्पादों को मंडी के माध्यम से बेचने की व्यवस्था की जाती है। मंडी में उपज की आवक, तौल, गुणवत्ता की जांच, खरीदी, भंडारण तथा परिवहन जैसी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि कृषि मंडी किसानों और व्यापारियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करती है। मंडी व्यवस्था के माध्यम से कृषि उत्पादों का व्यवस्थित क्रय-विक्रय होता है।
इस दौरान बच्चों को किसान के परिश्रम, कृषि के महत्व और खाद्यान्न उत्पादन की पूरी व्यवस्था के प्रति सम्मान रखने की सीख दी गई। उन्होंने समझा कि हमारे भोजन की थाली तक अनाज पहुंचाने में किसान के साथ-साथ अनेक संस्थाओं और लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।




























